नई दिल्ली,05 मई (आरएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिवेंद्र सिंह की पत्नी अदिति सिंह से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की ठगी के मामले के मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉल की मकोका के मामले में जमानत याचिका खारिज कर दिया है. जबकि, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जमानत दे दी है. जस्टिस प्रतीक की बेंच ने ये फैसला सुनाया है. इससे पहले हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में 8 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
लीना मारिया ने 2024 में जमानत याचिका दायर किया था. 18 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई का आदेश दिया था.
बता दें कि इसके पहले सुप्रीम कोर्ट लीना मारिया पॉल की जमानत याचिका खारिज कर चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर 2023 को लीना की जमानत याचिका खारिज कर दिया था. उसके बाद लीना ने दोबारा दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर किया. 4 दिसंबर 2021 को पटियाला हाउस कोर्ट ने लीना मारिया समेत आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने लीना मारिया को 5 सितंबर 2021 को गिरफ्तार किया था. इस मामले में कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को 4 सितंबर 2021 को गिरफ्तार किया था.
ईडी के मुताबिक, इस मामले की जांच के लिए सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े कई ठिकानों पर छापे मारे गए थे. छापे के दौरान सुकेश और उसके सहयोगियों के पास से मनी लाउंड्रिंग एक्ट की धारा 17 के तहत 16 महंगे कार जब्त किए गए थे. ये महंगी कारें लीना मारिया पॉल या उससे जुड़ी फर्मों के नाम पर थीं.
ईडी के मुताबिक, इस पूरे अपराध के लिए सुकेश ने ढांचा तैयार किया और अपराध को अंजाम दिया. दिल्ली पुलिस ने सुकेश चंद्रशेखर पर मकोका लगाया है. सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ एआईएडीएमके सिंबल मामले में निर्वाचन आयोग को रिश्वत देने की कोशिश का मामला भी लंबित है.
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