– बिना जीपीएस के सटीक रास्ता बताएगा ‘त्रिनेत्र’ नेविगेशन डिवाइस
देहरादून,06 मई (आरएनएस)। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बीटेक (कंप्यूटर साइंस) द्वितीय वर्ष के छात्रों ने एक बार फिर नवाचार का परिचय दिया है। छात्रों द्वारा विकसित नेविगेशन डिवाइस ‘त्रिनेत्रÓ को पेटेंट प्राप्त हुआ है। खास बात यह है कि यह डिवाइस बिना जीपीएस के भी सटीक लोकेशन बताने में सक्षम है, जो इसे आधुनिक तकनीकों के बीच बेहद उपयोगी बनाता है। ‘त्रिनेत्रÓ का विकास स्मार्ट इंडिया हैकथान-2025 के तहत किया गया। यह एक मल्टी-सेंसर काग्निटिव नेविगेशन डिवाइस है, जिसे विशेष रूप से उन परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां जीपीएस सिग्नल उपलब्ध नहीं होते या उनकी विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
तकनीकी दृष्टि से यह डिवाइस लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट सिग्नल्स-ऑफ-ऑपरच्युनिटी का उपयोग करता है। इसमें एआई आधारित काग्निटिव प्रोसेसिंग सिस्टम लगाया गया है, जो उपलब्ध सिग्नल्स में से सबसे उपयुक्त सिग्नल का चयन करता है। उन्नत मल्टी-सेंसर फ्यूजन तकनीक के माध्यम से ‘त्रिनेत्रÓ सब-मीटर स्तर की सटीकता प्रदान करता है। साथ ही, यह जैमिंग और स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रभावी ढंग से काम करता है।
इसका कॉम्पैक्ट, हैंडहेल्ड और ऊर्जा-कुशल डिजाइन इसे उपयोग में और भी सुविधाजनक बनाता है। परियोजना का मार्गदर्शन प्राध्यापक क्षितिज जैन ने किया, जबकि टीम में साक्षी कुमारी, अंकित राज, अमन भारद्वाज, शिवम राज और शिवम कुमार शामिल रहे।
संस्थान प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता का प्रमाण है, जो भविष्य की नेविगेशन तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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