चमोली,06 मई (आरएनएस)। नगर पालिका के बहुगुणानगर में हो रहे भूधंसाव के ट्रीटमेंट कार्य का आपदा प्रभावितों ने विरोध किया। प्रभावितों ने विभाग की मशीनों को यहां काम नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि पहले मुआवजा दिया जाए फिर काम किया जाए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला फूंका। बहुगुणानगर में करीब चार साल से भूधंसाव हो रहा है। इससे करीब 38 परिवार प्रभावित हैं। यहां सरकार ने सुरक्षा कार्यों के लिए 50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके तहत बुधवार को कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अफसर और संबंधित कांट्रेक्टर की मशीनें और श्रमिक यहां पहुंचे। इसकी भनक लगते ही यहां आपदा प्रभावित भी पहुंच गए। आपदा प्रभावित पुष्कर सिंह रावत, सभासद कमला रतूड़ी, पूर्व सभासद हरेंद्र बिष्ट, राखी रावत, सुधीर नेगी आदि ने काम का विरोध किया और काम नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि चार साल से लोग दरके घरों में रह रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। अब यहां सुरक्षा कार्य हो रहे हैं जबकि उनके घर क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में पहले घरों का मुआवजा दिया जाए फिर काम शुरू किया जाए। सूचना पर राजस्व निरीक्षक अरविंद कुंवर, उपनिरीक्षक विवेक रावत भी मौके पर पहुंचे और प्रभावितों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनीं। प्रभावितों ने मंडी परिसर में मुआवजे की मांग को लेकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की और पुतला दहन किया।
इंसेट
एक राय नहीं बनने से लटका मामला
तहसीलदार सुधा डोभाल ने बताया कि कुछ दिन पहले आपदा प्रभावितों के साथ जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें कुछ प्रभावितों ने मुआवजे की मांग की तो कुछ ने विस्थापन की। ऐसे में आम सहमति नहीं बनने से मामला अटका है। अब सुरक्षा कार्यों को लेकर विरोध किया जा रहा है। इसमें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
कोट
बहुगुणानगर में करीब 187 मीटर में ड्रिलिंग एवं पाइलिंग सहित अन्य वैज्ञानिक विधि से सुरक्षा कार्य होने हैं। इसके लिए 50 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इसमें ड्रेनेज सिस्टम का काम भी होना है जिससे भू-धंसाव रोका जा सके। – शुभम डोभाल, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग।
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