महासमुन्द, 07 मई (आरएनएस)। ओडिशा से महाराष्ट्र तक करोड़ों का गांजा पहुंचाने निकली तस्करी की खेप महासमुंद पुलिस के जाल में ऐसी फंसी कि खाली कैरेटों के पीछे छिपाया गया 226 किलो से ज्यादा गांजा भी बच नहीं सका और एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स व सिंघोड़ा पुलिस ने हाईवे पर घेराबंदी कर दो अंतरराज्यीय तस्करों को दबोचते हुए 1 करोड़ 22 लाख 75 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर पूरे नेटवर्क पर बड़ा वार किया। महासमुंद जिले में लगातार चल रही एंटी ड्रग कार्रवाई के बीच पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक सफेद पीकप वाहन क्रमांक रू॥16 ष्टष्ठ 8741 भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने वाला है। सूचना मिलते ही एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस ने एनएच-53 पर सिल्की ढाबा के सामने ग्राम गनियारीपाली में नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध पीकप वाहन पहुंचा जिसे रोककर पुलिस ने तलाशी ली। वाहन में चालक सहित दो लोग बैठे थे। पूछताछ में चालक ने अपना नाम अजिनाथ आश्रु जाधव पिता आश्रु जाधव उम्र 28 वर्ष निवासी खेडेगांव बाकी थाना खरडा जिला अहमदनगर महाराष्ट्र बताया, जबकि उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपना नाम अक्षय बारूक मोरे पिता बरकु मोरे उम्र 32 वर्ष निवासी पाटेगांव थाना मेरचगांव जिला अहमदनगर महाराष्ट्र होना स्वीकार किया। पुलिस ने जब वाहन के डाले की जांच की तो खाली कैरेटों के पीछे प्लास्टिक बोरियों में छिपाकर रखा गया 226.600 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ जिसकी कीमत 1 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बालीगुडा इलाके से लाकर महाराष्ट्र के अहमदनगर में खपाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। कार्रवाई के दौरान गांजा परिवहन में इस्तेमाल सफेद पीकप वाहन कीमत 8 लाख रुपये और 3 मोबाइल फोन कीमत 45 हजार रुपये भी जब्त किए गए। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 1 करोड़ 22 लाख 75 हजार रुपये पहुंच गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(क्च)(दो)(बी) के तहत अपराध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। महासमुंद पुलिस के मुताबिक पिछले चार महीनों में जिले में 83 प्रकरणों में 6016.121 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है और 216 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें 54 आरोपी छत्तीसगढ़ और 162 अन्य राज्यों के हैं। बहरहाल, हाईवे के रास्ते चल रहे गांजा तस्करी के इस बड़े नेटवर्क पर महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अब नशे का कारोबार करने वालों के लिए छत्तीसगढ़ की सरहद पार करना आसान नहीं रहने वाला।
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