सिरसा 7 मई (आरएनएस)। . डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को आर्थिक ठगी से बचाने के लिए हरियाणा पुलिस अभेद्य एप लॉन्च कर लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक माननीय श्री अजय सिंघल के दिशा-निर्देशानुसार सिरसा पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने जिलेवासियों के लिए विशेष साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक कर डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखना है।अभेद्य एप बनेगा साइबर सुरक्षा की ढाल । एसपी दीपक सहारन ने साइबर अपराधों को रोकने के लिए “अभेद्य एप” को एक प्रभावी कदम बताया है। यह एप अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और मास्क किए गए संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स व व्हाट्सएप संदेशों को उपयोगकर्ता तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर देता है। एसपी ने कहा कि इससे ब्लैकमेलिंग, धमकी और साइबर ठगी जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी। साथ ही संदिग्ध नंबरों का डेटा बैकएंड में सुरक्षित रहने से अपराधियों तक पहुंचना भी आसान होगा।
एचडीएफसी बैंक के सहयोग से शुरू किए गए ड्यूल ओटीपी सिस्टम के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और 25 लाख रुपये से अधिक राशि वाले खातों में बड़े लेनदेन के समय दो ओटीपी की आवश्यकता होगी। एक ओटीपी खाताधारक और दूसरा परिवार के विश्वसनीय सदस्य के पास जाएगा। दोनों ओटीपी दर्ज होने के बाद ही ट्रांजेक्शन पूरा होगा। इससे जल्दबाजी और मानसिक दबाव में होने वाली ठगी पर रोक लगेगी।
पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि वर्तमान समय में “डिजिटल अरेस्ट” नामक साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। साइबर ठग खुद को सीबीआई, पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को डराकर घर में ही नजरबंद होने का झूठा नाटक रचते हैं। इसके बाद वे बैंक खातों की जानकारी और पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से ऐसी कार्रवाई नहीं करती। नागरिक किसी भी प्रकार के डर या दबाव में न आएं और तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने नागरिकों से अपील की कि बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा लॉटरी, इनाम या डराने वाले संदेशों के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने एवं साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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