कोलकाता,07 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से उत्पन्न अपीलों की सुनवाई के लिए गठित अपीलीय न्यायाधिकरण में शामिल कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम ने इस्तीफा दे दिया है। न्यायमूर्ति शिवज्ञानम ने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय पर आया है, जब बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा शुरू हो गई है।
बार एंड बेंच के मुताबिक, न्यायमूर्ति शिवज्ञानम उन 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों में से थे, जिन्हें मार्च में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चुनाव आयोग द्वारा अपीलीय न्यायाधिकरणों के रूप में अधिसूचित किया गया था। न्यायमूर्ति शिवज्ञानम द्वारा कांग्रेस के उम्मीदवार मोटाब शेख को मतदाता सूची में शामिल करने की मंजूरी मिल गई थी। शेख ने अंतत: फरक्का निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता और भाजपा के सुधीर चौधरी को 8,193 से अधिक वोटों से हराया।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से 90.83 लाख मतदाताओं के नाम कट गए हैं। इन्हें अपील करने का मौका मिला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 19 सदस्यीय न्यायाधिकरण इनकी अपील पर सुनवाई कर रहे हैं, जिसमें 34 लाख अपील दायर की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपील करने वाले उन लोगों को मतदान की अनुमति दी थी, जिन्होंने अपील 9 अप्रैल तक की थी। इसके बाद करीब 25 लाख से अधिक मतदाता वोट नहीं दे सके।
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