दुर्ग, 09 मई (आरएनएस)। भिलाई में ठगों ने एक कारोबारी के आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया और उसके नाम पर बैंक खाता खोलकर करीब तीन लाख रुपए का लोन निकाल लिया। पीडि़त को इसकी जानकारी तब मिली जब उसने अपना सिबिल स्कोर चेक किया। इस संबंध में नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। पीडि़त राजेश कुमार (36 वर्ष) रूआबांधा, भिलाई के निवासी हैं। वे रिसाली के मैत्री नगर में ‘मुक्ता कंप्यूटर एंड च्वाइस सेंटरÓ का संचालन करते हैं। राजेश के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी अनुमति के बिना उनके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर बदल दिया। उन्हें कई दिनों तक इस धोखाधड़ी की जानकारी नहीं मिली। राजेश कुमार को 27 अप्रैल को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने उईडीआई की हेल्पलाइन 1947 पर संपर्क किया। हेल्पलाइन से उन्हें बताया गया कि उनके आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला जा चुका है। उन्होंने नए लिंक किए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें अपनी पहचान के दुरुपयोग की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत आधार पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी हिस्ट्री चेक की। आधार हिस्ट्री देखने पर राजेश कुमार को पता चला कि उनके दस्तावेजों का उपयोग कर कई बैंकों में खाता खोलने के लिए पूछताछ की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि नेहरू नगर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में उनके नाम से एक खाता खोला गया है। इसके बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर उस खाते को बंद कराने के लिए आवेदन दिया। मामला यहीं नहीं रुका। जब उन्होंने अपना सिबिल स्कोर चेक किया तो पता चला कि उनके नाम पर लगभग 2 लाख 96 हजार 443 रुपए का लोन स्वीकृत दिख रहा है। यह लोन डीएमआई फायनेंस प्राइवेट लिमिटेड और ट्रू केडिट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से लिया गया बताया जा रहा है। पीडि़त की शिकायत पर नेवई थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर आधार से मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया किस माध्यम से की गई और इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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