जौनपुर ,09 मई (आरएनएस)। सहायक श्रमायुक्त देवब्रत यादव ने अवगत कराया है कि श्रम विभाग के अन्तर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हितार्थ पंजीकृत निर्माण श्रमिक के परिवार में बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु होने तकयोजनाएं संचालित हैं। मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना में श्रमिक के यहां पुत्र होने की दशा में एकमुश्त रू0 26 हजार तथा पुत्री होने पर रू0 31 हजार प्रति शिशु की दर से देय होगा। महिला श्रमिक के आवेदक होने की स्थिति में तीन माह की न्यूनतम मजदूरी के बराबर सहायता धनराशि देय है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम पुत्री के जन्म की स्थिति में रू0 25,000 पुत्री के नाम से 18 वर्ष तक की आयु के लिए सावधि जमा किया जाता है। निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों तक हितलाभ देय। पंजीकृत निर्माण श्रमिक के दो बच्चों तक कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययनरत होने की दशा में क्रमश: 2,000 से लेकर रू0, 1,00,000 तक एक मुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। श्रमिक की पुत्री अथवा पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह हेतु रु0 65,000 की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी तथा अंतर्जातीय विवाह हेतु रु0 75,000 एवं सामूहिक विवाह में रू0 85,000 की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी। चिकित्सालयों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना में देय हितलाभ के समतुल्य राशि पूर्ण प्रतिपूर्ति चिकित्साध्शल्यक्रिया में चिकित्सालय द्वारा इलाज का इस्टीमेट दिये जाने पर चिकित्सालय को अग्रिम राशि का भी भुगतान किया जा सकता है।महात्मा गांधी पेंशन योजना- प्रत्येक पात्र श्रमिक को प्रतिमाह की दर से 1,000 की धनराशि देय है। लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में पेंशन की धनराशि उसकी पत्नीध् पति, जैसी भी स्थिति हो, को देय होगी। शौचालय बनाये जाने हेतु पात्र श्रमिकों को दो किस्तों में रू0 12,000 तक उनके बैंक खाते में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा देय होगा। पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में रू0 5,25,000 एवं सामान्य मृत्यु की स्थिति में रू0 2,25000 का भुगतान मृतक के आश्रितध्आवेदक को प्रदान की जायेगी।
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