लखनऊ 10 मई (आरएनएस )। चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण ड्यूटी के बीच पुलिसकर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिसकर्मियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने, तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर कार्यक्षमता विकसित करने तथा सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स में “मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन” विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में यूपी-112 और यातायात पुलिस के 100 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।यह कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार के प्रभावी मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का पर्यवेक्षण पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अमित कुमावत, पुलिस उपायुक्त यातायात रवीना त्यागी तथा पुलिस उपायुक्त यूपी-112 डॉ. दीक्षा शर्मा द्वारा किया गया। वहीं कार्यशाला का सफल संचालन सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध/ट्रेनिंग सेल) सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग शाखा ने किया।कार्यक्रम में योगाचार्य डॉ. सुधीर मिश्रा ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और योग के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी स्वभावत: अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और दबावपूर्ण होती है, जिससे मानसिक तनाव पैदा होना सामान्य बात है। ऐसे में नियमित योग, ध्यान और प्राणायाम न केवल मानसिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि शारीरिक ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक साबित होते हैं।प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। विशेषज्ञों ने तनाव नियंत्रण के प्रभावी उपाय, सकारात्मक सोच विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा कठिन परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने के गुर भी सिखाए। साथ ही पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान मानसिक रूप से संतुलित रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन, योग एवं प्राणायाम का महत्व, तनाव नियंत्रण के उपाय, आत्मविश्वास वृद्धि, ध्यान अभ्यास तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्यक्षमता बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। प्रतिभागियों का कहना था कि योग और ध्यान जैसे अभ्यास न केवल तनाव कम करने में मददगार हैं, बल्कि दैनिक जीवन और ड्यूटी के दौरान मानसिक स्थिरता बनाए रखने में भी कारगर साबित होंगे।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी पुलिसकर्मियों के लिए इस प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन संबंधी कार्यशालाओं का नियमित आयोजन किया जाएगा। यूपी-112, यातायात और फील्ड ड्यूटी में तैनात कर्मियों को नियमित योग और प्राणायाम सत्रों से जोड़ा जाएगा। साथ ही तनावमुक्त एवं स्वस्थ कार्य वातावरण विकसित करने के लिए परामर्श और प्रेरणात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।कमिश्नरेट अधिकारियों का मानना है कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य के तहत पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ भविष्य में भी इस तरह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा।
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