लखनऊ 10 मई (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब नौ वर्षों में प्रदेश सरकार जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं कर सकी, तो अब अंतिम नौ महीनों में मंत्री क्या कर लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं तथा प्रदेश की जनता चारों तरफ से परेशान है।अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और अत्याचार चरम पर है तथा पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक तरफ सरकारी बजट की लूट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता की जेब काटने का काम भी कर रही है। विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और आम आदमी महंगाई तथा बेरोजगारी से त्रस्त है।जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में पानी की टंकियां भाजपा के भ्रष्टाचार का बोझ नहीं सह पा रही हैं और लगातार गिर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की स्थिति बदहाल हो चुकी है। कमीशनखोरी और मुनाफाखोरी के कारण महंगाई और भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ा है। वृक्षारोपण अभियान को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार में वृक्षारोपण भी “भ्रष्टारोपण” साबित हुआ है।स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की जेब से पैसा निकालकर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के जरिए प्रदेश की जनता को आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है और सरकार बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर लगातार बोझ डाल रही है।नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण में घोटाला कर रही है और लोगों के हक व अधिकार छीनने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान से घबराई हुई है, लेकिन पीडीए समाज भाजपा की रणनीतियों को समझ चुका है और एकजुट होकर भाजपा की हर साजिश को परास्त करेगा।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पीडीए समाज को हक, सम्मान और न्याय मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जाएगी, गरीबों को मुफ्त इलाज मिलेगा और बेटियों की शिक्षा केजी से पीजी तक मुफ्त की जाएगी।मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में प्रदेश नेतृत्व की कोई भूमिका नहीं होती, “उधर से पर्ची आएगी और यहां सिर्फ पढ़ी जाएगी।” भाजपा शासन में मुख्यमंत्री की भूमिका पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अब “सीएम” का मतलब केवल “कूरियर एंड मैसेंजर” रह गया है।
अपने बयान में उन्होंने एक फिल्म के संदर्भ में भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता पूछ रही है कि “फिल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे बैठकर?” साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ध्यान से फिल्म देखी जाए तो “कर्मफल” का सिद्धांत समझ में आ सकता है और सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा भी मिल सकती है।अखिलेश यादव ने कहा कि मूल रूप से व्यक्ति नहीं बल्कि उसका लालच और लोभ बुरा होता है, जो धीरे-धीरे उसके दुराचरण का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वार्थ छोड़कर परमार्थ के मार्ग पर चलता है तो सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है और यही महाकाव्यों का गहरा संदेश भी है। उन्होंने “तमसो मा ज्योतिर्गमय” का उल्लेख करते हुए आत्ममंथन और सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया।
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