लखनऊ 10 मई (आरएनएस )। राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पैतृक संपत्ति हड़पने के कथित षड्यंत्र का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर अवैध कब्जा करने और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में दावा पेश करने के मामले में मोहनलालगंज पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पर मुख्य आरोपी के साथ मिलकर बैंक खाते और फर्जी दस्तावेजी प्रक्रिया में सहयोग करने का आरोप है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।पुलिस के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को ख्यालीगंज, थाना कैसरबाग निवासी समीर मिर्जा ने थाना मोहनलालगंज में मुकदमा संख्या 497/2025 दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम अमेठी, तहसील मोहनलालगंज स्थित पैतृक संपत्ति की गाटा संख्या 236, 282, 352, 655, 682, 684 और 690 समेत अन्य भूमि पर फरीद मिर्जा और उसके सहयोगियों द्वारा फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध कब्जा करने और धोखाधड़ी के माध्यम से जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद फरीद मिर्जा ने स्वयं को वादी के दिवंगत चाचा खुसरू मिर्जा का वारिस बताकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया था। जांच में उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए। पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया।जांच आगे बढऩे पर मोहम्मद अशफाक मिर्जा उर्फ बाबू मियां का नाम भी सामने आया। पुलिस को जानकारी मिली कि वह मुख्य आरोपी फरीद मिर्जा का रिश्तेदार है और कथित फर्जीवाड़े में सक्रिय सहयोग कर रहा था। लगातार तलाश के बाद मोहनलालगंज पुलिस टीम ने 09 मई 2026 को शाम करीब 5:45 बजे अकबरीगेट नख्खास चौक स्थित बाम्बे इलेक्ट्रिक्स की दुकान के पास से अशफाक मिर्जा को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी अशफाक मिर्जा ने स्वीकार किया कि वह फरीद मिर्जा के कहने पर विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करता था। उसने यह भी बताया कि उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया था और कई बैंकिंग व दस्तावेजी कार्यवाहियों में उसका इस्तेमाल किया गया। आरोपी ने यह भी माना कि वह फरीद मिर्जा और अन्य लोगों के संपर्क में रहकर न्यायालय और बैंक संबंधी कार्यों में सहयोग करता था।पुलिस के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी मोहम्मद फरीद मिर्जा पहले से न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है, जबकि अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अशफाक उर्फ बाबू मियां निवासी मौलवीगंज, थाना अमीनाबाद की उम्र करीब 67 वर्ष बताई गई है। उसके खिलाफ मोहनलालगंज थाने में दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी को मोहनलालगंज पुलिस टीम ने अंजाम दिया।
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