# चित्रा रामकृष्ण समेत कई को समन
# अदालत ने आरोपियों को 18 और 20 मई को पेश होने का निर्देश दिया; CBI का आरोप- चुनिंदा ब्रोकरों को NSE सर्वर के जरिए मिला अनुचित ट्रेडिंग फायदा
नई दिल्ली, 10 मई (आरएनएस)। दिल्ली की एक विशेष CBI अदालत ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को-लोकेशन घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए पूर्व NSE प्रबंध निदेशक और CEO चित्रा रामकृष्ण समेत 44 आरोपियों को समन जारी किया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 18 और 20 मई 2026 को पेश होने का निर्देश दिया है। चार्जशीट में SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज, PACE स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज, टॉवर रिसर्च कैपिटल मार्केट्स इंडिया, PRB सिक्योरिटीज, क्वाडआई सिक्योरिटीज, मारवाड़ी शेयर्स एंड फाइनेंस और शेयर इंडिया सिक्योरिटीज सहित कई ब्रोकरेज हाउस और ट्रेडिंग फर्मों के नाम शामिल हैं। CBI ने को-लोकेशन व्यवस्था के जरिए विभिन्न फर्मों द्वारा अर्जित कथित अवैध लाभ का आकलन करने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) की रिपोर्ट पर भरोसा किया है। आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत समन किया गया है। इनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और कंप्यूटर सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, CBI ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कुछ आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इनमें हवाला लेनदेन, OPG सिक्योरिटीज से जुड़ी कथित अवैध विदेशी ट्रेडिंग और “चाणक्य” सॉफ्टवेयर के कथित दुरुपयोग से संबंधित आरोप शामिल हैं।
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