बेंगलुरु,10 मई (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष के कारण वह अच्छा शासन देने में नाकाम रही है और लोगों को धोखा दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस एक परजीवी पार्टी बन गई है.
उन्होंने कहा कि देश भर में बीजेपी के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के बीच बेंगलुरु से एक भगवा सूरज उग रहा है, यह बात पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की हालिया चुनावी जीत को दिखाती है.
पीएम मोदी ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा विजय की पार्टी टीवीके का समर्थन करने का भी जिक्र किया. मोदी ने कांग्रेस पर राजनीतिक सुविधा के लिए अपने सहयोगियों को बार-बार धोखा देने का भी आरोप लगाया. तमिलनाडु में कांग्रेस- डीएमके के रिश्ते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डीएमके के समर्थन की वजह से कांग्रेस सालों तक राजनीतिक रूप से बची रही, लेकिन अब जब सत्ता के समीकरण बदले तो उसने क्षेत्रीय पार्टी की पीठ में छुरा घोंप दिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर वादे करके और बाद में उनसे मुकरकर अपने ही नेताओं को धोखा दिया है. उन्होंने कहा, कर्नाटक में भी यही खेल जारी है. अब केरल की बारी है.
उन्होंने आगे कहा, जहां भी कांग्रेस सत्ता में है, वहां या तो शाही दरबार के लिए खजाना लूटा जा रहा है या लूटे गए पैसे को लेकर अंदरूनी झगड़े हो रहे हैं. कांग्रेस आज एक परजीवी पार्टी के तौर पर जानी जाती है. इसीलिए, पहला मौका मिलते ही वह अपने साथियों को भी धोखा दे देती है. इसलिए अक्सर कहा जाता है कि ऐसा कोई नहीं है जिसे कांग्रेस ने धोखा न दिया हो. अब परजीवी कांग्रेस को एक और पार्टी की जरूरत है जिसके कंधों पर सवार होकर वह राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनी रह सके.
पीएम मोदी ने कहा, कर्नाटक में पिछले तीन वर्षों से लोगों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय, सरकार का ज्यादातर समय अंदरूनी झगड़ों को सुलझाने में बीता है. कांग्रेस सरकार नेतृत्व और सत्ता की साझेदारी को लेकर उलझन में रही.
पीएम मोदी पिछले छह महीनों से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच चल रही सत्ता की खींचतान का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने कहा, वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि मुख्यमंत्री कब तक रहेंगे. वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किसी दूसरे व्यक्ति को मौका मिलेगा या नहीं. सब कुछ लटका कर रखा गया है.
मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार को हमेशा कुछ ही महीनों में सत्ता-विरोधी भावना का सामना करना पड़ता है क्योंकि पार्टी के पास शासन करने का एजेंडा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया, ऐसा इसलिए है क्योंकि कांग्रेस सिर्फ लोगों को धोखा देना जानती है. वे खुद झूठे हैं, और उनकी गारंटी भी झूठी है. कांग्रेस की सत्ता की किताब में शासन पर कोई चैप्टर नहीं है.
प्रधानमंत्री ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को राजनीतिक स्थिरता और विकास का उदाहरण बताया, और इसकी तुलना कांग्रेस की धोखे की राजनीति और पार्टी के शासन वाले राज्यों में प्रशासनिक विफलता से की. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी अनिश्चित वैश्विक माहौल में स्थिरता दिखाती है. उन्होंने कहा कि राज्यों में हाल के चुनाव नतीजे एनडीए के शासन मॉडल के लिए बढ़ते जन समर्थन को दिखाते हैं.
पुडुचेरी और असम में एनडीए के सत्ता में बने रहने और पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने, और गुजरात के निकाय चुनावों में पार्टी की बड़ी जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नतीजों से एक अहम राजनीतिक बदलाव का संकेत मिलता है. मोदी ने कहा, ये चुनाव नतीजे भारतीय राजनीति की दिशा के लिए महत्वपूर्ण हैं. ये भारत के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग की भावना को दिखाते हैं.
उन्होंने कहा, लोग कह रहे हैं कि उन्हें रफ्तार चाहिए, स्कैम नहीं; उन्हें समाधान चाहिए। वे राष्ट्रीय नीति पर आधारित राजनीति चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक ने ऐतिहासिक रूप से बीजेपी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है, यहां तक कि पार्टी के शुरुआती वर्षों में भी. उन्होंने कहा, मैं देख सकता हूं कि आज बेंगलुरु की धरती से एक भगवा सूरज उग आया है. जब बीजेपी इतनी बड़ी पार्टी नहीं थी, तब भी कर्नाटक ने उसे बहुत ताकत दी.
मोदी ने कहा कि बीजेपी अब लोकसभा में प्रतिनिधित्व के मामले में कर्नाटक में नंबर एक पार्टी है और पड़ोसी तेलंगाना में दूसरी सबसे बड़ी ताकत है.
दक्षिण और पूर्वी भारत में बीजेपी के विस्तार की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि पार्टी एक दशक पहले पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन विधायक से बढ़कर अब 200 से अधिक विधायकों के साथ सरकार बना रही है. उन्होंने यह भी कहा कि केरल में बीजेपी का एक विधायक से तीन विधायक तक बढऩा यह दिखाता है कि एनडीए आने वाले वर्षों में वहां भी सरकार बनाने के लिए एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगी.
उन्होंने सवाल किया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस अब तक केरल में सरकार क्यों नहीं बना पाई.
पीएम मोदी की यह बात ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस हाईकमान ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि केरल का मुख्यमंत्री कौन होगा, क्योंकि तीन वरिष्ठ नेता इस पद के लिए मुकाबला कर रहे हैं. उन्होंने कहा, हम 12 साल से केंद्र में सत्ता में हैं. बीजेपी – एनडीए की सरकारें 21 से ज्यादा राज्यों में सत्ता में हैं. हम इस मंत्र के साथ काम कर रहे हैं कि राज्यों के विकास से देश का विकास होता है.
कांग्रेस नेतृत्व पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि पार्टी एक बार 400 से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने के बावजूद, पिछले तीन लोकसभा चुनावों में 100 सीटों का आंकड़ा पार करने में नाकाम रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके साथियों ने चुनावी हार के लिए हर किसी को दोषी ठहराया और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी अपमान दिखाया. उन्होंने कहा, मैंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में कभी किसी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी को इस तरह बर्ताव करते नहीं देखा. वे इतनी निराशा में डूब चुके हैं कि उनके पास गाली-गलौज के अलावा कोई एजेंडा नहीं बचा है.
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