नईदिल्ली,10 मई (आरएनएस)। एयर इंडिया ने पिछले तीन सालों में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन कर्मचारियों पर नैतिक नियम तोडऩे के आरोप थे। एयरलाइन के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि कंपनी में सही तरीके से काम करना जरूरी है। एयर इंडिया में इस समय करीब 24,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं। यह जानकारी कर्मचारियों के साथ हुई एक टाउन हॉल मीटिंग में साझा की गई।
विल्सन ने बताया कि कई कर्मचारियों को प्लेन में सामान की तस्करी और बिना शुल्क अतिरिक्त सामान ले जाने जैसे मामलों में हटाया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए बने एम्प्लॉई लीजऱ ट्रैवल सिस्टम के गलत इस्तेमाल के मामले भी सामने आए। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने इस सिस्टम में हजारों कर्मचारियों की गड़बडिय़ां पकड़ी हैं। कंपनी ने ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने और नियम सख्त करने जैसे कदम भी उठाए हैं।
एयर इंडिया इस समय आर्थिक दबाव का सामना कर रही है और खर्च कम करने के उपाय लागू कर रही है। कंपनी ने कर्मचारियों के सालाना वेतन बढ़ोतरी को कुछ समय के लिए टाल दिया है। साथ ही गैर-जरूरी खर्च कम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों से फिजूल खर्च रोकने और मुश्किल हालात को समझने की अपील की है। एयरलाइन का कहना है कि मौजूदा हालात में हर स्तर पर लागत नियंत्रण जरूरी है।
एयर इंडिया के सीईओ ने कर्मचारियों से कहा कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात नहीं सुधरे तो यह साल कंपनी के लिए बहुत ज्यादा कठिन हो सकता है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को मार्च, 2026 तक खत्म हुए वित्त वर्ष में 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। कंपनी का कहना है कि वैश्विक हालात, ईंधन खर्च और दूसरे आर्थिक दबावों का असर कारोबार पर पड़ रहा है।
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