नई दिल्ली, 10 मई (आरएनएस)। अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को नई दिशा देने की पहल के तहत एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज में उज्बेकिस्तान के उच्चस्तरीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसंधान, नवाचार और कृषि व पशुपालन के क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी (BSU) और समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसिन, लाइवस्टॉक एंड बायोटेक्नोलॉजीज के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान भारतीय और उज्बेक शिक्षाविदों ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती और पशुपालन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को मजबूत बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक का मुख्य आकर्षण कृषि क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका रही। एमईआरआई के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज के चीफ मेंटर एवं डीन लेफ्टिनेंट जनरल पीजेएस पन्नू (सेवानिवृत्त) ने बताया कि सैटेलाइट आधारित तकनीक भूमि विकास, फसल प्रबंधन और पर्यावरण निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। बैठक के समापन पर प्रो. दानी ने स्पेस स्टडीज में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू करने के लिए आपसी समझौते की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारत और मध्य एशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी और मजबूत करेंगे।
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