पैर की हड्डी से नया जबड़ा, जांघ के मांस से जीभ का निर्माण
कानपुर 10 मई (आरएनएस)। औद्योगिक नगरी कानपुर अब सिर्फ व्यापार और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि मुंह और गले के कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर भी चर्चा में है। पिछले तीन वर्षों में शहर में कैंसर मरीजों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इसी विषय पर कानपुर में एक विशेष कैंसर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के नामी विशेषज्ञ शामिल हुए।कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि तंबाकू सेवन और प्रदूषण इस बीमारी के सबसे बड़े कारण बनकर सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।कैंसर सर्जन डॉ. आतिश कुंदू ने बताया कि पहले एडवांस स्टेज के मरीजों में जबड़ा या जीभ निकालने के बाद जीवन बेहद कठिन हो जाता था, लेकिन अब आधुनिक रिकंस्ट्रक्शन तकनीक से शरीर के अन्य हिस्सों से नया जबड़ा और जीभ तैयार की जा सकती है। इससे मरीज इलाज के बाद लगभग सामान्य जीवन जी सकते हैं।डॉक्टरों के अनुसार, कानपुर में खैनी, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट का अत्यधिक सेवन कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। इसके अलावा तंबाकू की आसान उपलब्धता भी इस समस्या को और गंभीर बना रही है।विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर का इलाज अब केवल एक डॉक्टर के भरोसे नहीं होता, बल्कि यह मल्टी-डिसीप्लीनरी अप्रोच पर आधारित है। इसमें सर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर मरीज का इलाज करते हैं। सर्जरी से प्रभावित हिस्सा हटाया जाता है, रेडिएशन से कैंसर सेल्स को खत्म किया जाता है और कीमोथेरेपी से उपचार को पूरा किया जाता है।डॉक्टरों ने सलाह दी कि तंबाकू का सेवन तुरंत छोडऩा ही सबसे बड़ा बचाव है। मुंह में लंबे समय तक घाव, दर्द या सफेद दाग जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए, क्योंकि शुरुआती स्टेज में कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है।इस कॉन्फ्रेंस में जम्मू, दिल्ली, गुजरात और पूर्वोत्तर भारत सहित देशभर से करीब 200 विशेषज्ञ शामिल हुए और कैंसर के आधुनिक इलाज और नई तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
डॉ. आतिश कुंदू ने बताया कि कानपुर में स्मोकलेस तंबाकू जैसे खैनी, गुटखा, सिगरेट और बीड़ी का अत्यधिक सेवन सबसे बड़ी वजह है। तंबाकू की फैक्ट्रियों की मौजूदगी के कारण इसकी आसान उपलब्धता भी समस्या को बढ़ा रही है। उनके अनुसार, पिछले तीन वर्षों में कैंसर मामलों में 30त्न की बढ़ोतरी का मुख्य कारण तंबाकू की लत है, जिससे मुंह के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

