– विधायक आशा मौर्या ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
सीतापुर 10 मई (आरएनएस)। महमूदाबाद स्टेट द्वारा 1320 फसली में उदासीन संगत को दान में दी गई करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन की कथित अवैध बिक्री को लेकर अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। बढ़ते विरोध के बीच महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग उठाई। करीब एक घंटे चली बैठक में विधायक ने उदासीन संगत की जमीन से जुड़े अभिलेख, पुराने आदेश और अन्य तथ्यात्मक दस्तावेज डीएम के सामने रखे। प्रतिनिधिमंडल ने कथित महंत संतोष दास पर षड्यंत्र के तहत औने-पौने दामों में जमीन बेचने, स्टाम्प चोरी करने और न्यायालय व प्रशासन से तथ्य छिपाने के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही मांग की गई कि विवादित भूमि का तत्काल नामांतरण रोका जाए, बैनामे निरस्त किए जाएं और पूरी संपत्ति को सरकारी अधिग्रहण में लेकर ट्रस्ट का गठन कराया जाए। बताया गया कि छह मई को महमूदाबाद उप निबंधक कार्यालय में कथित महंत संतोष दास ने बिसवां मार्ग स्थित करीब 4.8149 हेक्टेयर यानी लगभग 60 बीघा बेशकीमती जमीन लखनऊ की फर्म सुख समृद्धि अल्फा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम लगभग 17 करोड़ रुपये की मालियत होने के बावजूद मात्र 8 करोड़ रुपये में बेच दी। बैनामे के बाद से ही लोगों में भारी नाराजगी है। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को बताया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन तहसीलदार ने स्पष्ट आदेश दिया था कि संतोष दास केवल भूमि की देखरेख करेंगे, लेकिन उन्हें जमीन बेचने का अधिकार नहीं होगा। इसके बावजूद कथित रूप से अदालतों में तथ्यों को छिपाकर कई संपत्तियों की बिक्री कर दी गई। इतना ही नहीं, वर्ष 1994 में निरस्त हो चुके अभिलेखों का सहारा लेकर वर्तमान में भी बैनामे किए जाने का आरोप लगाया गया है। विधायक के साथ मां संकटा देवी धाम समिति अध्यक्ष आरके वाजपेयी और अधिवक्ता अजय द्विवेदी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने पूरे मामले के दस्तावेजों का अवलोकन कर जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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