हरिद्वार,10 मई (आरएनएस)। धर्मनगरी में गंगा स्वच्छता को लेकर प्रशासन भले ही लगातार अभियान चलाने और बड़े-बड़े दावे करने में जुटा हो, लेकिन कनखल क्षेत्र स्थित बैरागी कैंप घाट की बदहाल तस्वीरें इन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। गंगा तट पर फैली गंदगी, टूटे कांवड़ों का मलबा और रेलिंगों में उलझे पुराने कपड़े प्रशासनिक लापरवाही की कहानी कह रहे हैं। बैरागी कैंप घाट के आसपास गंगा की धारा में जगह-जगह टूटे हुए कांवड़ों के हिस्से बहकर किनारों पर जमा हो गए हैं। वहीं घाट की रेलिंगों में कई पुराने कपड़े लंबे समय से फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। यह नजारा न केवल गंगा की पवित्रता को आहत कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों से घाट पर यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने अब तक सफाई को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस गंगा को आस्था और जीवन का प्रतीक माना जाता है, उसी के घाटों पर इस तरह की गंदगी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। गौरतलब है कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा गंगा संरक्षण समिति का गठन किया गया है, जिसकी कमान स्वयं जिलाधिकारी के हाथों में है। इसके बावजूद घाटों पर गंदगी का अंबार लगना प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को उजागर करता है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाकर बैरागी कैंप घाट को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की मांग की है, ताकि गंगा की पवित्रता और धर्मनगरी की गरिमा बरकरार रह सके।
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