सिरसा 11 मई (आरएनएस)। वर्तमान आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से मेडिकल इमेजिंग में एआई ने रोगों की पहचान को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बना दिया है। इंजी. मोनिका (असिस्टेंट प्रोफेसर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) ने बताया कि एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाऊंड जैसी मेडिकल इमेजों का विश्लेषण अब अक तकनीक की सहायता से आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल इमेजिंग वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शरीर के अंदरूनी अंगों और ऊतकों की तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। इसका उपयोग विभिन्न बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए किया जाता है। प्रमुख मेडिकल इमेजिंग तकनीकें हैं: एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, पीईटी स्कैन।
उन्होंने आगे बताया कि एक्स-रे हड्डियों और शरीर के अंदरूनी हिस्सों की तस्वीर लेने की तकनीक है। इसका उपयोग फ्रैक्चर और फेफड़ों की बीमारियों की पहचान में किया जाता है। वहीं सीटी स्कैन शरीर के अंगों की विस्तृत 3डी छवि प्रदान करता है। यह ब्रेन स्ट्रोक और आंतरिक चोटों की पहचान में सहायक है। एमआरआई चुंबकीय तरंगों की सहायता से शरीर की स्पष्ट छवियां बनाता है। इसका उपयोग मस्तिष्क और नसों से संबंधित रोगों की जांच में किया जाता है। एमआरआई कैंसर कोशिकाओं की पहचान मेडिकल इमेजों के माध्यम से कर सकता है। इससे बीमारी का प्रारंभिक चरण में पता लगाया जा सकता है। इसी प्रकार अल्ट्रासाउंड ध्वनि तरंगों की सहायता से शरीर के अंदरूनी अंगों की छवि बनाता है। इसका उपयोग गर्भावस्था और आंतरिक अंगों की जांच में किया जाता है। पीईटी स्कैन शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों की गतिविधियों का पता लगाता है। इसका उपयोग कैंसर, मस्तिष्क और हृदय रोगों की पहचान में किया जाता है। डीप लर्निंग एआई की एक उन्नत तकनीक है, जो बड़े डेटा से सीखती है। यह मेडिकल इमेजों में रोगों की सटीक पहचान करने में सक्षम है।
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