मेरठ 11 मई (आरएनएस)। बुलंदशहर में धरने पर बैठे किसानों से मिलने के लिए रवाना होने से पहले ही पुलिस ने देर रात सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर को उनके घर में हाउस अरेस्ट कर लिया। शाहिद मंजूर ने पुलिस की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए आरोप लगाया कि सपा के अन्य कई नेताओं को भी घर में ही नजर बंद किया गया है। जिससे वह जनता की आवाज ना उठा सकें।
दरअसल, बुलंदशहर जिले में कई किसानों की जमीनें सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की हैं। जमीनों के सही दाम ना दिए जाने का आरोप लगा बाहव गांव में किसान धरने पर बैठे हैं। जिसके चलते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के नेताओं को धरनारत किसानों के बीच पहुंचकर उनका दुख बांटने के निर्देश दिए थे।
किसानों से मिलने जाने वाले प्रतिनिधि मंडल में सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर भी शामिल थे। शाहिद मंजूर का आरोप है कि रविवार की देर रात प्रशासन ने लगभग दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को उनके घर के बाहर पहरे पर बैठा दिया। इसके बाद से पुलिस उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दे रही है। यदि वह जरूरी काम से बाहर जा रहे हैं तो पुलिस उनके साथ चल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के अन्य कई नेताओं को भी पुलिस ने इसी तरह उनके घरों में नजर बंद किया है। शाहिद मंजूर ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई करके सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली है। जनता के बीच जाकर उसका दुख बांटना कोई जुर्म नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में जनता ऐसी सरकार को सबक सिखाएगी।
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