रोजगार पर पड़ेगा बड़ा असर, मंदी आने की आशंका से छोटे कारोबारियों पर सबसे बड़ा संकट
सिरसा 12 मई (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद प्रदेश के सराफा बाजारों में हलचल बढ़ गई है। जिला सिरसा प्रभारी एवं मुख्य सलाहकार स्वर्णकार सेवा संघ हरियाणा सुखविंद्र सोनी ने कहा कि एक तो पहले से ही बढ़ती कीमतों के कारण सराफा बाजार सुस्त पड़ा था, लेकिन पीएम के आह्वान से अब बाजार में निवेश आधारित खरीदारी और घटने की आशंका है। सोनी ने कहा कि भारत में स्वर्ण केवल धातु नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, आस्था और आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक है। विवाह, धार्मिक उत्सव, पारिवारिक संस्कार और महिलाओं की सुरक्षा भावना से सोना सदियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि लंबे समय तक सोना खरीदने पर रोक जैसी स्थिति बनती है, तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। देशभर में लगभग पांच करोड़ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। इनमें कारीगर, सुनार, डिजाइनर, पॉलिश कर्मचारी, छोटे दुकानदार, मजदूर, पैकिंग कर्मचारी और परिवहन से जुड़े लोग शामिल हैं। यदि एक वर्ष तक सोने की खरीद बंद हो जाती है, तो लाखों परिवार बेरोजगारी और आर्थिक तंगी का शिकार हो जाएंगे। बड़े उद्योगपति कुछ समय तक नुकसान सह सकते हैं, लेकिन छोटे दुकानदार और कारीगर पूरी तरह टूट जाएंगे। सोनी ने कहा कि भारतीय परिवार विशेषकर महिलाएं सोने को भविष्य की सुरक्षा मानती हैं। गांवों और छोटे शहरों में लोग बैंकिंग सुविधाओं से अधिक सोने पर भरोसा करते हैं। यदि सोने की खरीद रुकती है तो लोगों की बचत की परंपरागत व्यवस्था भी प्रभावित होगी। सोनी ने कहा कि स्वर्ण व्यापार से सरकार को जीएसटी, आयकर, कस्टम ड्यूटी तथा अन्य करों के रूप में हजारों करोड़ रुपये की आय प्राप्त होती है।
-अगर सरकार वाक्य में चाहती है कि सोने में निवेश बैंक के माध्यम से हो तो सरकार को जीएसटी के रूप में राजस्व भी मिलेगा और इसके साथ-साथ दो नंबर की जो इन्वेस्टमेंट है, वो बंद हो जाएगी। यदि कारोबार बंद होता है तो सरकार के राजस्व पर भी गंभीर असर पड़ेगा। स्वर्णकार समाज सदैव राष्ट्रहित में सरकार के साथ खड़ा रहा है। देश की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसी किसी भी अपील या नीति पर पुनर्विचार किया जाए, जिससे करोड़ों लोगों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। संगठन के स्वर्णकार सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष डा. जोगेंद्र वर्मा ने सराफा कारोबारियों की ओर से मांग की कि सरकार यदि देशहित में आर्थिक संतुलन बनाना चाहती है, तो स्वर्ण व्यापारियों, उद्योग विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि राष्ट्रहित और रोजगार दोनों सुरक्षित रह सकें।
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