रांच 12 मई (आरएनएस)। सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स, झारखंड सरकार और सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) द्वारा “ग्रीन गोल्ड: अनलॉकिंग ग्रेफीन इन कम्युनिटी-लेड एनर्जी ट्रांजिशन” रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि झारखंड में ग्रेफीन के तीनों प्रमुख स्रोत – ग्रेफाइट, कोलबेड मीथेन और लाह – उपलब्ध हैं, जिससे राज्य को वैश्विक स्तर पर रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।
विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रेफीन स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी स्टोरेज और हरित उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण “वंडर मटेरियल” है। झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 5,500 टन ग्रेफीन उत्पादन की क्षमता बताई गई है। लाह आधारित “ग्रीन ग्रेफीन” से आदिवासी, महिला और वन-आधारित समुदायों के लिए रोजगार और ग्रामीण उद्यम के नए अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई।
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