जगदलपुर,31 मई (आरएनएस)। नशे की गिरफ्त में युवाओं को धकेलने की साजिश रच रहे दो सौदागर उस वक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जब वे ग्राहक का इंतजार कर रहे थे और उनके बैग से 96 हजार रुपये कीमत की प्रतिबंधित नशीली कैप्सूलों का जखीरा बरामद हुआ। बस्तर पुलिस ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जिले में नशे के कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं है।जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत मेटगुड़ा डोंगरी में 31 मई को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल लेकर बिक्री की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा और उनके संयुक्त कब्जे के कैरी बैग की तलाशी ली।तलाशी के दौरान बैग से Pyeevon Spas Plus Tramadol ष्टरु की कुल 30 पत्तियां, यानी 240 प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बरामद हुईं, जिनकी कीमत लगभग 96 हजार रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपियों की पहचान आकाश पोया (21 वर्ष), निवासी महारानी वार्ड, जगदलपुर तथा राड्रिक सोमा (42 वर्ष), निवासी मदर टेरेसा वार्ड, जगदलपुर के रूप में हुई। दोनों आरोपियों के पास प्रतिबंधित दवा रखने या बेचने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 21(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर विशेष एनडीपीएस न्यायालय जगदलपुर में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।गौरतलब है कि बस्तर पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और यह कार्रवाई युवाओं के भविष्य को बचाने की दिशा में एक बड़ा संदेश मानी जा रही है—नशे का कारोबार करने वालों की अगली मंजिल अब सीधे जेल है।
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