अयोध्या 12 मई (आरएनएस)। पूराकलन्दर क्षेत्र के एक गाँव में बकाया बिजली का बिल जमा न करके विद्युत केबिल जोड़कर अवैध रूप से विद्युत का उपयोग करने के मामले में आरोपित महिला को सम्बन्धित न्यायालय से राहत मिल गयी है। मंगलवार को यह फैसला विशेष न्यायाधीश (ई0सी0एक्ट) प्रतिभा नारायन ने आरोपित महिला की ओर से शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण एवं विवादित बकाया धनराशि विद्युत विभाग में जमा करने के पश्चात दोषमुक्त कर दिया गया है। इसके पश्चात् सम्बन्धित न्यायालय से मुक्त किया गया। इसके पहले आरोपित महिला कुसुम गौड़ के पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय वर्मा ने मंगलवार को ई0सी0 एक्ट न्यायालय में उपस्थित हुये, साथ ही न्यायालय को अवगत कराया कि आरोपित महिला पर जो भी विद्युत विभाग के जरिये शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण एवं बकाया धनराशि था उसे जमा कर दिया गया है। इस लिए आरोपिता को दोषमुक्त किया जाना न्यायोचित होगा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 7 जुलाई 2021 को पूराकलन्दर थानान्तर्गत महेशपुर गाँव में उपखण्ड अधिकारी रामकिशोर पाल मय टीम के साथ वहां गये। विद्युत टीम ने गाँव के आसपास व आरोपित के परिसर में विद्युत की चेकिंग किया इस दौरान आरोपिता के परिसर में विद्युत बकाया होने पर केबिल लाइन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान विद्युत टीम ने बिजली बिल बकाया होने के बावजूद चोरी से विद्युत केबिल जोड़कर अवैध रूप से विद्युत उपयोग करते हुए पाया गया इसके बाद उपखण्ड अधिकारी ने महिला के विरूद्ध धारा-138बी भारतीय विद्युत अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा अ0सं0-927/2021 एंटी पावर एक्ट अयोध्या/फैजाबाद के तहत परिवाद दायर किया। इसी बीच महिला ने सम्बन्धित कोर्ट में जमानत करायी और सभी प्रकार केे राजस्व निर्धारण सम्बन्धित कार्यालय में जमा कर रसीद न्यायालय के पत्रावली में जमा किया।
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