यूजीसी आरक्षण दिशा-निर्देशों की अवहेलना के विरोध में छात्रों व शोधार्थियों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन
सिरसा 14 मई (आरएनएस)। उदय संस्था, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर युवा क्लब एवं सूर्या क्रांति युवा क्लब के नेतृत्व में चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के छात्रों एवं शोधार्थियों ने विश्वविद्यालय में अस्थायी एवं संविदा नियुक्तियों में आरक्षण नीति लागू करने की मांग को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उदय के संस्थापक मांगे राम ने कहा कि यूजीसी द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 45 दिनों या उससे अधिक अवधि की अस्थायी/संविदा नियुक्तियों में एस सी, एस टी एवं ओबीसी वर्गों के लिए आरक्षण नीति अनिवार्य रूप से लागू की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल नियुक्ति के अस्थायी होने के आधार पर आरक्षण नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन इन नियमों का पालन करने में विफल रहा है, जो सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। छात्रों एवं शोधार्थियों ने यह भी कहा कि यूजीसी ने वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान हुई शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संविदा नियुक्तियों का विवरण यूजीसी यूएएमपी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जा सके। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक इस संबंध में कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय में सभी अस्थायी एवं संविदा नियुक्तियों में आरक्षण नीति को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, बीते दो वर्षों की सभी संविदा नियुक्तियों का विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा यूजीसी पोर्टल पर अपलोड किया जाए। साथ ही यदि किसी नियुक्ति में आरक्षण नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
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