देहरादून,15 मई (आरएनएस)। राज्य में चिटफंड निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। बोट ब्रो क्रास मार्केट माइन क्रिटो कंपनी ने निवेशकों को हर महीने 5 से 10 फीसदी मोटा मुनाफा देने का लालच देकर करीब 20 से 25 करोड़ रुपये हड़प लिए हैं। पीडि़तों की एक तहरीर रायपुर थाने में मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी और उसके पांच साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। रायपुर थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि किद्दूवाला निवासी दुर्गा बहादुर गुरुंग ने तहरीर दी। बताया कि आरोपी नवीन सिंह नेगी ने दो साल पहले कंपनी को पूरी तरह वैध बताकर निवेश के लिए प्रलोभित किया था। आरोपियों ने व्यक्तिगत गारंटी देते हुए दावा किया था कि निवेशक छह महीने बाद अपनी मूल राशि बिना किसी कटौती के निकाल सकते हैं। इसके लिए बकायदा बिजनेस आईडी और 10 हजार रुपये का लाइसेंस शुल्क भी वसूला गया। ठगी के इस खेल को बड़ा रूप देने के लिए आरोपियों ने देहरादून के नामी होटलों में सेमीनार मीटिंग और ऑनलाइन मीटिंग की। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए प्रचार कर कंपनी को सुरक्षित निवेशक बताया गया। शुरुआत में निवेशकों को बिहारीगढ़ में प्लॉट और आगमी तिथि के चेक देने का भी भरोसा दिलाया गया था। जो बाद में महज एक छलावा साबित हुआ। पीडि़तों के अनुसार अक्तूबर 2025 में कंपनी अचानक बंद हो गई। पीडि़तों ने आरोपियों से बात की तो जालसाज रकम मिलने का बार-बार कुछ समय का झांसा देते रहे। शुरुआती शिकायत में 20-25 करोड़ रुपये ठगी का आरोप है। राज्य स्तर पर इसकी रकम और बढ़ सकती है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है.
ये बनाए गए मुकदमे में आरोपी: नवीन सिंह नेगी निवासी सिद्ध विनायक कॉलोनी रायपुर, दीपेश देवरानी निवासी बालावाला, जगपाल सिंह सजवाण निवासी गुलरघाटी, सुरेंद्र प्रसाद कोटवाल निवासी रायपुर, अनिल कुमार परदेशी निवासी चुक्खुमोहल्ला और कमल सिंह रावत निवासी नकरौंदा।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

