देहरादून,15 मई (आरएनएस)। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) ने गुरुवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन व सेवा क्षेत्र में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्ट अप संस्कृति को बढ़ावा देना है। एमओयू पर कुलपति डॉ तृप्ता ठाकुर की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. राजेश उपाध्याय, कुलसचिव, वीएमएसबीयूटीयू और आईएचएम देहरादून की ओर से प्रधानाचार्य आईएचएम डॉ शिव मोहन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सहायक अध्यापक डॉ संजय कुमार और विभागाध्यक्ष मनीष सेमवाल भी मौजूद रहे।
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान मिलकर सेंटर फॉर हास्पिटैलिटी एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (सीएचईआई) की स्थापना करेंगे। यह केंद्र हास्पिटैलिटी और पर्यटन के क्षेत्र में नवाचार आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा और छात्रों व शोधार्थियों को स्टार्ट अप से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। केंद्र के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, मेंटरिंग, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और उद्यमिता कौशल से जुड़े कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनाना है। इस पहल से हॉस्पिटैलिटी, फूड सर्विस, वेलनेस और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही तकनीकी शिक्षा और हॉस्पिटैलिटी शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ उद्यमिता और नवाचार को जोडऩा अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयास छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान करते हैं, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकें।
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