अवैध खनन मशीनों और मछली ठेके के खिलाफ उठाई आवाज
प्रयागराज ,16 मई (आरएनएस)। बालू मजदूरों ने घाट पर अवैध रूप से किए जा रहे खनन के खिलाफ आवाज उठाई है। मजदूरों ने खनन मशीनों के संचालन और गंगा नदी में मछली पकडऩे के ठेके के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने प्रदेश सरकार पर मछुआरों से रोजगार और मछली पकडऩे का अधिकार छीनने का आरोप लगाया। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) ने कहा कि सरकार बालू और मछली माफिया को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
एआईकेएमएस के नेतृत्व में सैकड़ों बालू मजदूरों ने लवायन कलां गांव में रैली निकाली। यह रैली अवैध खनन मशीनों के संचालन और भाजपा प्रशासन द्वारा नावों के संचालन की अनुमति न दिए जाने के विरोध में थी। नावों का संचालन एक लाख से अधिक बालू मजदूरों के लिए आजीविका का प्रमुख साधन है। प्रदर्शनकारियों ने संगम से आगे गंगा नदी में डीवा के ठेकेदार ज्ञानी को मछली पकडऩे का ठेका दिए जाने का भी विरोध किया। उनका आरोप है कि इस ठेके के कारण सभी मछुआरों को मछली पकडऩे के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। वर्तमान में, योगी सरकार में मत्स्य मंत्री जय निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद हैं।
सभा में कई प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें सभी को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करना, जीआरएम जी एक्ट को वापस लेकर मनरेगा को बहाल करना, तथा मनरेगा के तहत 200 दिन काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने सीड बिल वापस लेने, सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और सभी किसानों व मजदूरों के कर्ज माफ करने की भी मांग की।
सभा को एआईकेएमएस के महासचिव डॉ. आशीष मित्तल, रावनिका के लक्ष्मी नारायण, लवायन के रामू, विनय, अनिल, दीप चंद और करण ने संबोधित किया। इस प्रदर्शन में लगभग 300 लोग मौजूद रहे।
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