बस्तर, 17 मई (आरएनस)। बस्तर संभाग में मौसम का बदला मिजाज ग्रामीणों के लिए भारी पड़ गया। जगदलपुर और बीजापुर में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 21 मवेशियों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद प्रभावित गांवों में मातम और चिंता का माहौल है, क्योंकि पशुपालन ही कई परिवारों की आजीविका का मुख्य सहारा है।
जगदलपुर शहर से लगे चिलकुटी गांव के सुरंगियापारा में शनिवार रात बारिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, कई मवेशी एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से 11 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया। शनिवार को दिनभर तेज गर्मी के बाद शाम में मौसम बदला था और शहर सहित आसपास के इलाकों में बारिश हुई थी।
उधर, बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के पोन्दुम गांव में भी आकाशीय बिजली ने तबाही मचाई। शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे खेत और खुले स्थानों पर मौजूद 10 मवेशी बिजली गिरने की चपेट में आ गए। हादसे में सभी मवेशियों की मौके पर मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, मृत मवेशियों में लक्ष्मण हपका, बुधराम हपका और दशरथ बघेल के दो-दो मवेशी शामिल हैं, जबकि पिंकी बघेल, सुंदरी हपका, आसमती हपका और मन्नू हपका के एक-एक मवेशी की जान गई है। अधिकांश मवेशी सफेद रंग के बताए जा रहे हैं।
दोनों घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पशुपालन से ही उनके घर का खर्च चलता है और इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत ने उनकी कमर तोड़ दी है।
बंछोर
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