-एनजीटी के आदेशों पर कोका-कोला प्लांट दिखा रहा ठेंगा
-ग्रामसभा गंजा में प्रदूषण व संक्रमण का बढ़ रहा खतरा
अयोध्या 17 मई (आरएनएस)। नाम अमृत, काम ज़हर फैलाने का! तिलोदकी गंगा में कथित तौर पर गंदा पानी छोड़कर पूरे ग्रामसभा गंजा को प्रदूषण और संक्रमण की आग में झोंका जा रहा है। आरोप है कि अमृत बटलर कोका-कोला प्लांट लगातार ऐसे अपशिष्ट छोड़ रहा है जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक को हस्तक्षेप करना पड़ा था। एनजीटी ने अयोध्या प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी की रोकथाम के लिए लंबित निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि आदेश फाइलों में कैद हैं और प्रदूषित पानी गांवों में बह रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नालों और जलधाराओं में छोड़े जा रहे दूषित पानी से बदबू फैल रही है, खेत प्रभावित हो रहे हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब एनजीटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्राधिकरण के आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, तो आखिर स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है? लोग पूछ रहे हैं कि क्या एक कंपनी का रसूख ग्रामीणों के स्वास्थ्य से बड़ा हो गया है? क्या प्रशासन का काम सिर्फ नोटिसों की फाइल सजाना रह गया है? और अगर यही हाल रहा तो “तिलोदकी गंगा” कब तक जहरीले पानी का बोझ ढोती रहेगी? अब जरूरत केवल जांच की नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की है। क्योंकि गांव का पानी अगर जहर बन गया, तो आने वाली पीढिय़ां प्रशासन की इस खामोशी को कभी माफ नहीं करेंगी।
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