-लखनऊ से आई एनडीआरफ की टीम ने खोजने में पाई सफलता
अयोध्या,17 मई (आरएनएस)। रौनाही थाना के तहसीनपुर गांव निवासी सरयू नदी के पानी में डूबे तीनों किशोर बालक का शव रविवार को दोपहर बाद नदी के पानी में बरामद हो गया। लखनऊ से आई एनडीआरफ की टीम ने इन्हें खोजने में सफलता पा ली। शनिवार को एक ही खानदान से जुड़े यह तीनों किशोर अमित पाण्डेय, शिवांश पाण्डेय , और सत्यम पाण्डेय शाम को नहाने के दौरान नदी में डूब गए थे। पुलिस और प्रशासन ने एसडीआरएफ के साथ मिलकर शनिवार की शाम से ही लगातार खोजने का अभियान चलाया था। लेकिन रात भर खोजने के बावजूद एक भी शव बरामद नहीं हो पाया। एनडीआरएफ की टीम सुबह तक न पहुंचने के कारण ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 तहसीनपुर गांव के सामने जाम करने के लिए हुंकार भरी। यहां पुलिस और कुछ बुद्धिजीवी लोगों के समझाने पर आक्रोश शांत पड़ गया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर रोते बिलखते लापता बच्चों के परिजन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी, सीओ सदर अरविंद सोनकर , रौनाही प्रभारी निरीक्षक लाल चंद सरोज उप जिलाधिकारी सुश्री सविता, तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह, नायब तहसीलदार रेशू जैन, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, बीकापुर विधायक डा0 अमित सिंह चौहान, रालोद नेता सुड्डू मिश्रा, सुनील तिवारी शास्त्री,अरुण पाण्डेय,रानू दूबे, वेद व्यास मिश्रा आदि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
तहसीनपुर गाँव में पसरा मातमी सन्नाटा
-सरयू की धाराम में डूबे तीनों किशोर अपनी माता-पिता के इकलौते पुत्र थे
क्षेत्र के तहसीनपुर गांव में कोहराम के बीच मातमी सन्नाटा फैला है। शनिवार की शाम सरयू की धारा में डूबे तीन हम उम्र किशोर की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। हम उम्र तीनों किशोर 15 से 18 वर्ष के बीच के हैं। यह अपनी माता -पिता के इकलौते पुत्र थे जिनकी मौत ने तीनों परिवारों के घर का चिराग बुझा दिया। एक ही खानदान से जुड़ा मौत का शिकार बना अमित (मानस ) पाण्डेय पुत्र अमर बहादुर पाण्डेय अपने बाबा के साथ गांव में छुट्टियां मनाने 10 वर्ष बाद मुंबई से लौटा था। परिजन बताते हैं कि अंडर-19 क्रिकेट में इसका सिलेक्शन हो चुका है। तैयारी चल रही थी। दूसरा किशोर शिवांश पुत्र कृपा शंकर पांडे और सत्यम पुत्र विनय कुमार पाण्डेय क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी के ब्रिलियंट छात्र है। तीनों किशोर बालकों का एक दूसरे से मित्रवत व्यवहार बहुत गहरा है। इसी सखा प्रेम में बंध कर तीनों नदी में शाम को नहाने पहुंचे हैं। इनके साथ रिश्तेदारी में आए दो अन्य किशोर भी थे। जिनकी हिम्मत नदी में नहाने की नहीं पड़ी। लेकिन वह तीनों के डूबने के चश्म दीद गवाह जरूर बन गए। गांव के इतिहास में इतनी बड़ी घटना अब तक नहीं हुई थी। पारिवारिक सदस्य वाल्मीकि पांडे बताते हैं अमित सहित तीनों का जन्म बड़ी मनौती के बाद हुआ था। तीनों बच्चे परिवार में आंखों के तारे थे इन्ही के ऊपर परिवार का भविष्य टिका था। जिसकी भरपाई अब इस जन्म में नहीं हो पाएगी। इस पर अब प्रश्न चिन्ह लग गया है। पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों का सिलसिला चल निकला हैं। विधायक से लेकर क्षेत्रीय नेता ग्रामीणों से लेकर रिश्तेदारों तक सभी पहुंच रहे हैं। लेकिन आयी शून्यता को भर पाने की ताकत किसी में नहीं हैं।
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