गुवाहाटी 23 Jully (Rns) । असम में इस वर्ष आई भीषण बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के 25 जिलों के 1,800 से अधिक गांव जलमग्न हैं और नौ लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम राज्य भेजने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि गृह मंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कराने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का आश्वासन दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत के लिए केंद्र सरकार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बार की बाढ़ का मुख्य कारण ऊपरी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं और सामान्य से कहीं अधिक वर्षा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्थानीय स्तर पर सामान्य से लगभग 436 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण कई ऐसे क्षेत्र भी जलमग्न हो गए जहां पहले कभी इस स्तर की बाढ़ नहीं आई थी।
राज्य सरकार के मुताबिक, बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों मवेशियों के बह जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से कृषि, आवास और लोगों की आजीविका पर व्यापक असर पड़ा है।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्यभर में 148 से अधिक राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 30 हजार विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में चावल और अन्य राहत सामग्री भी भेजी है।
बाढ़ से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हेलीकॉप्टर और नौकाओं की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है तथा दुर्गम इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि तत्काल राहत कार्यों के साथ-साथ राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए दीर्घकालिक योजना भी तैयार कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र की टीम के दौरे के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन होगा और पुनर्वास के लिए आवश्यक केंद्रीय सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाएगी

