धार 17 मई (आरएनएस)। ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की नई गाइड लाइन लागू होने के बाद रविवार को विधिवत पूजा-अर्चना की गई। सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वाग्देवी के चित्र लेकर भोजशाला पहुंचे।
भोज उत्सव समिति ने परिसर को गंगाजल और गोमूत्र से शुद्ध किया। इसके बाद गर्भगृह को रंगोली से सजाया। परिसर के बाहर ज्योति मंदिर की अखंड ज्योत को भी गर्भगृह में स्थापित किया गया। मंत्रोच्चार, देवी अनुष्ठान और वास्तु पूजन के बाद सुबह 11:45 बजे आरती की गई।
आरती के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ध्वजारोहण के लिए भोजशाला के गुंबद की ओर गईं, लेकिन गुंबद पर सुरक्षा के लिहाज से कांटेदार तार लगे होने के कारण उन्होंने सीढिय़ों के ऊपर लगे दरवाजे (गेट) पर ही ध्वज की पूजा-अर्चना कर ध्वजारोहण किया।
मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाना महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कांटेदार तारों के कारण हमने छत की ओर जाने वाले गेट पर ध्वज फहराया है। इससे पहले शनिवार शाम को भी उन्होंने और कलेक्टर-एसपी ने यहां पहुंचकर पूजा की थी।

