जबलपुर 17 मई (आरएनएस)।मां हिरन नदी जल संवर्धन अभियान के तहत निकाली जा रही सामाजिक एवं सांस्कृतिक जनजागरूकता यात्रा आज विकासखंड शहपुरा के ग्राम पथरिया (भैरोघाट) पहुंची, जहां स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मां हिरन नदी का पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर पर्यावरण और नदी संरक्षण को लेकर एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति को बचाने और जल स्रोतों को सहेजने पर गहरा मंथन हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व जनपद अध्यक्ष ने नदी के अस्तित्व को बचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए, तट पर स्थित ऐतिहासिक वट वृक्ष की जड़ों के कटाव को रोकने के लिए जन भागीदारी से सहयोग करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही ग्राम सरपंच सरिता शिलकुमार जैन ने भी ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है, इसलिए हम सभी को मिलकर जल संवर्धन के प्रयासों को जमीनी स्तर पर उतारना होगा।
उल्लेखनीय है कि मां हिरण नदी जल संवर्धन अभियान आगामी 20 मई तक निरंतर जारी रहेगा। यह यात्रा हिरण नदी के उद्गम स्थल कुंडेश्वर से प्रारंभ हुई है, जो जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत पावला के आश्रित ग्राम जुगपुरा स्थित पवित्र नर्मदा नदी के संगम स्थल पर जाकर संपन्न होगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य नदी के पूरे मार्ग में आने वाले गांवों में जल संवाद कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटकों और विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पानी के महत्व के प्रति सचेत करना है। इसके साथ ही शासन स्तर पर हिरण नदी के संरक्षण से जुड़े आवश्यक कार्यों को स्वीकृति देने और जनसहयोग से बड़े पैमाने पर श्रमदान कराने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान आयोजित मुख्य जनसभा में उपस्थित वक्ताओं ने स्थानीय नागरिकों को वर्षा जल संवर्धन, भूमिगत जल सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जलों के महत्व और आने वाले संकट से निपटने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस गरिमामयी और जागरूकता से भरे कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष रितेश सिंह, रामसिंह ठाकुर, संदेश शुक्ला, राकेश जैन सहित एसडीएम शहपुरा, तहसीलदार एवं सभी संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पुनीत कार्य में अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया।

