New Delhi 18 may, (Rns) /- लद्दाख प्रशासन ने दैनिक वेतनभोगियों, अंशकालिक और मौसमी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित वेतन युक्तीकरण सुधार को मंजूरी दे दी है। नए ढांचे के तहत कुशल और अकुशल कर्मचारियों को 575 रुपये और 450 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जाएगा जो सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेन ने लद्दाख प्रशासन की तरफ से नियुक्त दैनिक वेतनभोगियों, अंशकालिक और मौसमी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित वेतन युक्तीकरण सुधार को मंजूरी दे दी है। इस सुधार से लद्दाख भर में हजारों श्रमिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें से कई पिछले एक दशक से 300 से 500 रुपये मासिक वेतन पर कार्य कर रहे थे। उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि 17 मार्च 2015 के बाद नियुक्त पात्र कर्मचारियों को भारत सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार भुगतान किया जाए।
संशोधित वेतन ढांचे के तहत कर्मचारियों को “कुशल” और “अकुशल” श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। कुशल कर्मचारियों को 575 रुपये प्रतिदिन तथा अकुशल कर्मचारियों को 450 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार भुगतान कार्य के घंटे और कार्य की प्रकृति के आधार पर प्रो-राटा प्रणाली के तहत किया जाएगा। इस निर्णय से सफाईकर्मी, माली और अन्य कार्यों में लगे श्रमिकों सहित स्थानीय निवासियों और प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है जो केंद्र शासित प्रदेश के दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में कार्यरत हैं।यह निर्णय विभिन्न विभागों के दैनिक वेतनभोगियों द्वारा न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग को लेकर दिए गए अनेक ज्ञापनों के बाद लिया गया।

