लखनऊ, 18 मई(आरएनएस )। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की कीमतों और भारतीय रुपये की स्थिति को लेकर मोदी सरकार से तुलनात्मक “श्वेत पत्र” जारी करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में किए गए कई प्रमुख वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं और सरकार को इस पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।प्रमोद तिवारी ने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से कई वादे किए थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय पेट्रोल की कीमत 35 रुपये प्रति लीटर करने की बात कही गई थी, जबकि आज कीमत लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसी प्रकार लगभग 400 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब करीब 1000 रुपये तक पहुंच गया है।उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि हर साल दो करोड़ रोजगार देने, प्रत्येक नागरिक के खाते में 15-15 लाख रुपये भेजने, विदेशों से काला धन वापस लाने, किसानों को फसल का दोगुना लाभ दिलाने और “अच्छे दिन” लाने जैसे वादों में कितना अमल हुआ। प्रमोद तिवारी ने मांग की कि सरकार वर्ष 2014 और वर्तमान परिस्थितियों की तुलना करते हुए एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे।कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि यदि पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को दुनिया “मिसाइल मैन” के नाम से जानती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “महंगाई मैन” के रूप में जाना जाएगा।पेपर लीक के मुद्दे पर भी प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी सहित करीब 80 बार विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होना या अन्य कारणों से परीक्षाओं का निरस्त होना कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधि प्रतीत होती है। उनका आरोप था कि इस पूरे मामले में ऊपर से नीचे तक कई लोग शामिल हो सकते हैं और इससे देश की युवा शक्ति के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।प्रमोद तिवारी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही गड़बडिय़ां युवाओं के सपनों की हत्या के समान हैं और यह एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने मांग की कि इस मामले के लिए जिम्मेदार लोगों की राजनीतिक जवाबदेही तय की जाए और उन्हें पद से हटाया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कराई जानी चाहिए।
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