ओस्लो,18 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट और यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद व कूटनीति का आह्वान करते हुए कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई से स्थायी शांति प्राप्त नहीं की जा सकती है.
मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद ये टिप्पणियां कीं. बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया था.
मोदी ने मीडिया के लिये टेलीविजन पर प्रसारित अपने संदेश में कहा, भारत और नॉर्वे, दोनों ही नियम-आधारित व्यवस्था, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं. हम इस बात से सहमत हैं कि किसी भी मुद्दे का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के लिए किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करना जारी रखेंगे. चार देशों के अपने यूरोप दौरे के तहत स्वीडन से ओस्लो में उतरने के कुछ घंटों बाद ही मोदी ने स्टोर से मुलाकात की. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया.
उन्होंने कहा, हम इस बात से सहमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है. उन्होंने कहा, आतंकवाद को उसके हर रूप में जड़ से खत्म करना हमारी साझा प्रतिबद्धता है. मोदी ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के साथ मजबूती से खड़े होने के लिये नॉर्वे की सराहना भी की. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे.
उन्होंने कहा, मुझे पिछले साल नॉर्वे आना था, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के कारण मुझे वह यात्रा स्थगित करनी पड़ी. उस कठिन समय में, नॉर्वे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े होकर सच्ची मित्रता का उदाहरण पेश किया.
उन्होंने कहा, आज नॉर्वे की यात्रा के दौरान, मैं उस एकजुटता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. मोदी ने भारत के नेतृत्व वाली ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहलÓ में नॉर्वे के शामिल होने के निर्णय की भी सराहना की. उन्होंने कहा, दो प्रमुख समुद्री राष्ट्रों के रूप में, हम समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे.
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