विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और नवाचार को बढ़ावा देने की अनूठी पहल
सिरसा 20 मई (आरएनएस)। हरियाणा में शिक्षा को रटने की परंपरागत पद्धति से बाहर निकालकर अनुभवात्मक एवं गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में स्टंबल लैब एक अभिनव पहल के रूप में सामने आई है। जिला सिरसा के विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध करवाया जाएगा, जहाँ वे बिना डर के प्रश्न पूछ सकें, नए प्रयोग कर सकें और गलतियों से सीखते हुए आगे बढ़ सकें।
स्टंबल लैब का मूल संदेश है, गलतियां और असफलता सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में अनुभवात्मक सीखना, महत्वपूर्ण सोच, नवाचार, संचार कौशल तथा सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।
स्टंबल लैब की शुरूआत हरियाणा के कैथल जिले में उपायुक्त कैथल आईएएस अपराजिता, आईएएस की परिकल्पना से हुई थी। इसकी सफलता एवं प्रभावशीलता को देखते हुए अब इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जा रहा है। जिला स्तर पर इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं। वहीं विभिन्न खंडों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को खंड स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अनुमान गतिविधियां, रचनात्मक सोच के कार्य, समस्या हल करने की गतिविधियां, समूह चर्चा, तार्किक सोच के अभ्यास, जिज्ञासा आधारित शिक्षा, भूमिका निभाना, विज्ञान मॉडल निर्माण, मंथन तथा मानसिक कौशल विकास जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विशेष रूप से विद्यार्थियों में असफलता के डर को समाप्त करने पर बल दिया जाएगा, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ सीखने की प्रक्रिया में भाग ले सकें। प्रत्येक गतिविधि के बाद प्रतिबिंब सत्र भी आयोजित होंगे, जिनमें विद्यार्थी अपने अनुभव सांझा करेंगे। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों की जिज्ञासा एवं सहभागिता को मापने के लिए जिज्ञासा सूचकांक भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों, गतिविधियों में सहभागिता, रचनात्मक सोच तथा नए विचार प्रस्तुत करने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यालयों में इस कार्यक्रम को खुशहाल शनिवार गतिविधियों के साथ प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों को गतिविधियों का रिकॉर्ड, फोटो एवं वीडियो साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं जिला स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि स्टंबल लैब विद्यार्थियों को डरमुक्त वातावरण प्रदान करेगी, जहां वे गलतियों से सीखते हुए अपनी रचनात्मकता एवं तार्किक क्षमता का विकास कर सकेंगे। यह पहल बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा सुभाष फुटेला ने कहा कि आज की शिक्षा केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं रह सकती। हमें ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो जिज्ञासु, आत्मविश्वासी, रचनात्मक एवं समस्या समाधान में सक्षम हों। स्टंबल लैब बच्चों को सीखने का आनंद प्रदान करेगी और विद्यालयों में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक शिक्षण वातावरण तैयार करेगी। शिक्षा विभाग द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों, विशेष रूप से संकोची एवं कमजोर विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करें।
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