कोरिया 20 मई (आरएनएस) किसी मां की आंखों के आंसू थमे, किसी पिता की टूटी उम्मीद फिर जिंदा हुई और कई परिवारों के घरों में महीनों बाद खुशियां लौटीं… कोरिया पुलिस के “ऑपरेशन तलाश / मुस्कान” अभियान ने 13 गुम इंसानों को उनके परिजनों से मिलाकर इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी अब हर तरफ चर्चा हो रही है। पुलिस मुख्यालय द्वारा 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान जिला कोरिया पुलिस ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर 13 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित दस्तयाब किया, जिनमें 3 नाबालिग बच्चे भी शामिल रहे। इस संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अभियान में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, वीडियो कॉल, लगातार ट्रैकिंग और जमीनी खोजबीन का सहारा लिया। अभियान के दौरान शैलेन्द्र त्रिपाठी, उज्जैन पुरी और विनीता राज ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर और शिवपुरी तक पहुंचकर 2 गुम इंसानों को खोज निकाला, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था। वहीं सत्येंद्र तिवारी ने हैदराबाद, झारखंड, कोरिया, सरगुजा, बलरामपुर और सूरजपुर तक फैले अभियान में 7 गुम इंसानों को सुरक्षित वापस लाने में अहम भूमिका निभाई, जिनमें 2 नाबालिग बच्चे शामिल रहे। दूसरी ओर सुनीता एक्का ने वीडियो कॉल और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए बेंगलुरु, तमिलनाडु, झारखंड और हरियाणा से 4 गुम इंसानों को दस्तयाब करने में बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में रवि कुमार कुर्रे ने इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि गुमशुदा लोगों को उनके परिवार से मिलाना केवल ड्यूटी नहीं बल्कि सबसे बड़ी मानवीय सेवा है। इस अभियान ने दिखा दिया कि जब पुलिस संवेदनशीलता और तकनीक के साथ काम करती है तो सिर्फ केस नहीं सुलझते, बल्कि टूटते परिवार भी फिर से जुड़ जाते हैं।
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