महासमुंद 20 मई (आरएनएस) कच्चे रास्तों और छोटी खेप के सहारे पुलिस को चकमा देकर गांजा खपाने निकले तस्करों का खेल महासमुंद पुलिस ने ऐसा बिगाड़ा कि उड़ीसा से छत्तीसगढ़ तक फैले पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन अलग-अलग प्रकरणों में 47 किलो 190 ग्राम अवैध गांजा, एक मारुति डिजायर कार, दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन समेत कुल 32 लाख 45 हजार 500 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। इस हाई प्रोफाइल कार्रवाई में दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार किए गए, जबकि एक कार चालक अपने साथी के साथ अंधेरे और निर्माणाधीन अंडरब्रिज का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि उड़ीसा के बलांगीर और पटनागढ़ इलाके से कम मात्रा में गांजा लाकर महासमुंद, बागबाहरा और रायपुर में पुड़िया बनाकर खपाया जा रहा है। इसी इनपुट पर कोमाखान थाना क्षेत्र में चेकिंग तेज की गई और पुलिस ने कच्चे रास्तों पर भी नजरें जमा दीं। पहले मामले में लाल-काले रंग की मोटरसाइकिल से आ रहे 40 वर्षीय राजकुमार उर्फ राजू देवांगन निवासी साल्हेभाठा थाना कोमाखान को रोका गया। उसके कपड़े के बैग की तलाशी में 10 किलो 190 ग्राम गांजा मिला। पूछताछ में उसने कबूला कि वह उड़ीसा के पटनागढ़ जिला बलांगीर से दीनबंधु नामक व्यक्ति से गांजा खरीदकर बागबाहरा इलाके में छोटी पुड़िया बनाकर बेचने ला रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 74/2026 के तहत धारा 20(B)(II)(B) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। उसके कब्जे से 5 लाख 44 हजार 500 रुपए की संपत्ति जब्त हुई, जिसमें गांजा, मोटरसाइकिल और मोबाइल शामिल है। दूसरे मामले में ग्राम कसेकेरा गौठान के पास काले रंग की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल से आ रहे 30 वर्षीय सुशांत बाग निवासी नेहेनाबंद थाना पटनागढ़ जिला बलांगीर उड़ीसा को पकड़ा गया। उसके पास सफेद प्लास्टिक बोरी में 7 किलो गांजा मिला। आरोपी रायपुर में ग्राहक तलाशकर गांजा बेचने जा रहा था। पुलिस ने अपराध क्रमांक 76/2026 के तहत धारा 20(B)(II)(B) एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेज दिया। उसके कब्जे से 4 लाख रुपए की संपत्ति जब्त हुई। तीसरे और सबसे सनसनीखेज मामले में सफेद रंग की मारुति डिजायर कार को रोकने का इशारा किया गया तो चालक ने कार तेज रफ्तार में भगाई और रेलवे क्रॉसिंग कोमाखान के पास निर्माणाधीन अंडरब्रिज में कार छोड़कर साथी समेत फरार हो गया। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डिक्की में 30 किलो गांजा छिपाकर रखा मिला। इस मामले में अपराध क्रमांक 74/2026 के तहत धारा 20(B)(II)(C) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि पिछले चार महीनों में जिले में 93 प्रकरणों में 6401 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया जा चुका है और 236 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें 180 आरोपी दूसरे राज्यों के हैं। यह आंकड़ा साफ बता रहा है कि महासमुंद अब सिर्फ ट्रांजिट रूट नहीं बल्कि तस्करों के खिलाफ सबसे बड़ा पुलिस शिकंजा बन चुका है। बहरहाल, पुलिस की सटीक सूचना, लगातार निगरानी और कच्चे रास्तों तक फैली चेकिंग ने यह साफ कर दिया है कि अब तस्करों के लिए कोई रास्ता सुरक्षित नहीं बचा।
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