– किसानों की समस्याओं का समयबद्ध किया जाए निस्तारण: सीडीओ
फतेहपुर 20 मई (आरएनएस)। विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ कृषि, उद्यान, सिंचाई एवं विद्युत विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ इसी माध्यम से मिलेगा।
बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने पिछली बैठक में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जानकारी देते हुए खरीफ सत्र के लिए बीज उपलब्धता एवं बुकिंग की प्रक्रिया से किसानों को अवगत कराया। साथ ही किसानों से अन्य कृषकों को भी फार्मर रजिस्ट्री के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को मुख्यमंत्री फल उद्यान योजना, एकीकृत बागवानी मिशन, आरकेवीवाई एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से किसान अनुदान प्राप्त कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि खरीफ सीजन के लिए जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है और समितिवार वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने किसानों से जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदने तथा भंडारण न करने की अपील की। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश किशोर ने खरीफ फसलों की उन्नत खेती, नवीन तकनीकों और कीट नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी। बैठक में बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधीक्षण अभियंता विद्युत ने किसानों को बताया कि जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर प्रीपेड से पोस्टपेड में बदले गए हैं और बकाया बिल के कारण आपूर्ति बाधित है, वे कॉमन सर्विस सेंटर या जनसेवा केंद्र के माध्यम से दस प्रतिशत राशि जमा कर विद्युत आपूर्ति बहाल करा सकते हैं। साथ ही भीषण गर्मी के दौरान भारी विद्युत उपकरणों का सीमित उपयोग करने की अपील की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान दिवस में मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मौके पर जाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के फोन हर हाल में रिसीव किए जाएं और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों में असंतोष की भावना उत्पन्न न हो। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय किसान यूनियन एवं किसान संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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