कोंडागांव,20 मई (आरएनएस)। जिले के एक धान खरीदी केंद्र में 1 करोड़ 53 लाख के धान खरीदी घोटाला मामले को लेकर कांग्रेस अब इसे राजनीति रंग देने में लगा हुआ है। बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि,जिस मुलमुला धान खरीदी केंद्र में क्षेत्र की विधायक लता उसेंडी ने खुद धान खरीदी की शुरुआत की थी आज उसी केंद्र से डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का धान गायब हो जाना बेहद गंभीर मामला है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि, आखिर इतना बड़ा घोटाला बिना शासन और प्रशासन की मिलीभगत के बगैर राजनितिक संरक्षण के कैसे हो सकता है..
सप्ताह भर बाद भी कोई कार्यवाही नही-
मामला सामने आए हुए 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक न कोई बड़ी कार्रवाई हुई. न कोई गिरफ्तारी हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसा गया। इससे साफ दिखाई देता है कि भाजपा सरकार इस पूरे मामले को दबाने और रफा-दफा करने में लगी हुई है। जिले के 67 धान उपार्जन केंद्रों की स्थिति आज भी साफ नहीं है। रिकॉर्ड में धान का उठाव लगभग 96 प्रतिशत दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। कई केंद्रों में धान अब भी पड़ा हुआ है, जबकि कागजों में उठाव पूरा बताया जा रहा है।
काँग्रेशियो ने रखे आंकड़े सामने-
जिले में 32 लाख 35 हजार 628 क्विंटल धान की खरीदी हुई, जिसमें 31 लाख 27 हजार 833 क्विंटल उठाव का दावा किया जा रहा है। अगर इतना उठाव हो चुका है, तो फिर खरीदी केंद्रों और संग्रहण केंद्रों में धान अब तक क्यों पड़ा है। उन्होंने कहा कि,कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि, जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों की निष्पक्ष और बारीकी से जांच कराई जाए। पूरे मामले की न्यायिक जांच हो, दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो और बाकी बचे धान का तत्काल उठाव कराया जाए।
अगर शासन-प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता हर धान खरीदी केंद्र तक जाएगा,जांच करेगा और किसानों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक पार्टी लड़ेगी। इस दौरान जिला महामंत्री रितेश पटेल,जिला उपाध्यक्ष तरुण गोलछा, प्रदेश सचिव सकुर खान,ब्लॉक अध्यक्ष संजय करन, देवेंद्र कोर्राम,शहर अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन, उपाध्यक्ष कमलेश दुबे, पिलाराम बघेल,योगेंद्र राठौर, सालिक बघेल, भूपेश शार्दुल सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।
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