0-50 लाख के रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने की कार्रवाई
कोलकाता,20 मई (आरएनएस)। देश की रक्षा की शपथ खाने वाले एक कर्नल के करतूतों की सीबीआई ने जब आज उजागर किया तो सबकी आंखें फटी रह गई। जी हां, महानगर कोलकाता स्थित सेना मुख्यालय फोर्ट विलियम से जुड़े कथित 50 लाख घूसकांड में सीबीआई ने आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स के कर्नल हिमांशु बाली को गिरफ्तार किया है। केन्द्रीय एजेंसी का आरोप है कि सेना के टेंडर, बिल पास कराने और घटिया सैंपल मंजूर करने के बदले रिश्वत ली गई। मामले में कानपुर की कंपनी ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड और कारोबारी अक्षत अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई के अनुसार रिश्वत की रकम हवाला चैनल के जरिए दिल्ली भेजी जानी थी। इस कार्रवाई ने सेना की खरीद प्रक्रिया और टेंडर सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब एजेंसी अन्य अधिकारियों और हवाला नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सीबीआई के अनुसार, कर्नल बाली पर एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने, बिल पास कराने और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति को मंजूरी देने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में कानपुर स्थित एक निजी कंपनी के मालिक मयंक अग्रवाल और उनके पुत्र अक्षत अग्रवाल के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई का दावा है कि मार्च और अप्रैल के दौरान कर्नल बाली और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच कई बार संपर्क हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में अक्षत अग्रवाल और कर्नल बाली की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद कंपनी को 24 अप्रैल को एक बड़ा टेंडर हासिल हुआ। आरोप है कि इस टेंडर के बदले 50 लाख की रिश्वत ली गई। जांच में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम हवाला के जरिए दिल्ली भेजे जाने की योजना बनाई गई थी। सीबीआई अब बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और हवाला नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की गहन जांच कर रही है। एजेंसी को संदेह है कि इस पूरे मामले में सेना के अन्य अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए सीबीआई पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
सीबीआई ने कर्नल बाली को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में इस घोटाले के और राज खुल सकते हैं। माना जा रहा है कि उक्त नेटवर्क में तमाम बड़े चेहरों के घृणित कार्य उजागर हो तो हैरत की बात नहीं होगी।
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