मुंबई,21 मई। वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव में मामूली कमी आने से भारतीय रुपये में आज शानदार रिकवरी देखी गई. गुरुवार, 21 मई 2026 को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से 41 पैसे मजबूत होकर 96.45 के स्तर पर पहुंच गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र (बुधवार) को रुपया 96.86 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था.
विदेशी मुद्रा डीलरों के अनुसार, बाजार की इस तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का वह बयान है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स (एक्सियोस) के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कतर और यूएई जैसे अरब देशों के अनुरोध पर ईरान पर होने वाले हमलों को फिलहाल टाल दिया है. हालांकि, इस फैसले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तीखी बहस की खबरें भी सामने आई हैं. नेतन्याहू ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखने के पक्ष में हैं, जबकि अमेरिका कूटनीतिक समझौते पर जोर दे रहा है.
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया आज सुबह मजबूती के साथ 96.25 पर खुला, लेकिन मांग बढऩे से यह 96.45 के स्तर पर कारोबार करने लगा. बुधवार को कारोबार के दौरान रुपया 96.95 के इंट्रा-डे निचले स्तर तक गिर गया था.
रुपये को सहारा देने में घरेलू शेयर बाजार की तेजी ने भी बड़ी भूमिका निभाई. शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 327.74 अंक चढ़कर 75,646.13 पर और एनएसई निफ्टी 111.75 अंक की बढ़त के साथ 23,772.05 पर पहुंच गया. हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी रुपये के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा बाजार में 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 105.77 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा था, जो बीते दिन 110 डॉलर के करीब पहुंच गया था.
फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, रुपये पर दबाव बना रहेगा. तकनीकी नजरिए से डॉलर-रुपया जोड़ी के लिए 97.00 का स्तर एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र है, जबकि गिरावट की स्थिति में इसे 95.50 से 95.80 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बाजार में लिक्विडिटी सपोर्ट और संभावित हस्तक्षेप से रुपये की अस्थिरता को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है. दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी है, जिन्होंने बुधवार को 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
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