बिलासपुर 21 मई (आरएनएस) बेलगहना इलाके में एक परिवार ने हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिए ऐसी खौफनाक साजिश रची कि पुलिस भी शुरुआती जांच में चौंक गई, लेकिन फॉरेंसिक जांच और बारीक पड़ताल ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। अपने ही बेटे की हत्या कर उसे जहर खाकर आत्महत्या बताने वाले पिता, भाई और एक विधि से संघर्षरत बालक को बेलगहना पुलिस ने चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मामला ग्राम रतखण्डी का है, जहां 20 मई 2026 को उमेन्द सिंह पटेल ने चौकी बेलगहना पहुंचकर सूचना दी कि उसका 23 वर्षीय बेटा गौरीशंकर पटेल जहरीला पदार्थ खाकर मर गया है और मौके पर जहर की शीशी भी पड़ी हुई है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, लेकिन शव और घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को हत्या का शक दिला दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले और घटनास्थल से अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी बरामद हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। पूछताछ में सामने आया कि मृतक गौरीशंकर शराब पीकर आए दिन घर में झगड़ा करता था। घटना वाली रात भी वह अत्यधिक शराब के नशे में मारपीट पर उतारू था। इसी दौरान आरोपी पिता उमेन्द सिंह पटेल उम्र 52 वर्ष, भाई शिवशंकर पटेल उम्र 18 वर्ष 3 माह और एक अपचारी बालक ने मिलकर उसे पीटा, जमीन पर गिराया और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने कीटनाशक की शीशी लाकर मृतक के मुंह में डाल दी और आसपास फैला दी ताकि मामला आत्महत्या लगे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। घटना में प्रयुक्त सामग्री और साक्ष्य भी जप्त किए गए हैं। बहरहाल, बेलगहना पुलिस की सतर्कता ने एक सुनियोजित हत्या की साजिश को बेनकाब कर दिया, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।
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