नईदिल्ली,22 मई। फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट फीफा विश्व कप 2026 अगले महीने 12 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में शुरू होने वाला है. लेकिन दुनिया के सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत में इस टूर्नामेंट को दिखाने को लेकर अभी तक कुछ भी तय नहीं हो सका है. जिसकी वजह से भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों को यह नहीं पता कि वे यह टूर्नामेंट कहां देख पाएंगे भी या नहीं.
दरअसल फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के लिए भारत में इस टूर्नामेंट के मीडिया राइट्स पैकेज की कीमत लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तय की थी. लेकिन, जब भारतीय ब्रॉडकास्टरों की ओर से इसमें बहुत कम दिलचस्पी दिखाई गई, तो बाद में फीफा ने इसकी मांगी गई कीमत घटाकर लगभग 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दी. इसके बाद ये रिपोर्ट सामने आई की जिओस्टार ने 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर में मीडिया राइट्स की बोली लगाई, जिससे फीफा ने खारिज कर दिया.
इसके बाद से अभी तक भारत में इस टूर्नामेंट को दिखाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई. इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट में एक वकील द्वारा एक याचिका दायर करके ये मांग की गई कि फीफा विश्व कप 2026 का भारत में प्रसारण पब्लिक ब्रॉडकास्टर दूरदर्शन के जरिए किया जाए. याचिका में ये जोर दिया गया था कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मैचों का दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स जैसे प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में प्रसारण किए जाएं.
इसी याचिका पर जब दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव के सामने सुनवाई हुई तो कोर्ट में दूरदर्शन ने आधिकारिक तौर पर कोर्ट को बताया कि भारत में फीफा विश्व कप के राइट्स हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है. इससे ये साफ हो गया कि दूरदर्शन भी अब इस टूर्नामेंट को नहीं दिखाएगा.
सबसे बड़ी समस्या टूर्नामेंट के समय को लेकर है. चूंकि ये टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेले जाने हैं, और उनके कार्यक्रम के अनुसार भारत में ये मैच देर रात और सुबह के समय प्रसारित होंगे. इसी वजह से फीफा और भारतीय ब्रॉडकास्टर्स के बीच कोई डील नहीं हो पा रही है, क्योंकि भारत में ब्रॉडकास्टर ऐसे टूर्नामेंट पर भारी निवेश करने से हिचकिचा रहे हैं.
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