वाशिंगटन,22 मई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बयान के बाद इस्लामिक देश के यूरेनियम संवर्धन को नष्ट करने का संकल्प लिया है। मोजतबा ने पिछले दिनों कहा था कि वह देश के लगभग हथियार-योग्य यूरेनियम को नहीं सौंपेगा। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका को इसकी जरूरत नहीं है, लेकिन वह इसे हासिल करेगा और बाद में नष्ट कर देगा, लेकिन ईरान को रखने की अनुमति नहीं देगा।
ईरान के यूरेनियम भंडार को अपने पास रखने के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, हम इसे हासिल कर लेंगे। हमें इसकी जरूरत नहीं। हम इसे नहीं चाहते। शायद हम इसे हासिल करने के बाद नष्ट कर देंगे— लेकिन हम उन्हें इसे लेने नहीं देंगे। ट्रंप ने आगे कहा, अभी बातचीत जारी है और देखते हैं क्या होता है, लेकिन हम इसे किसी न किसी तरह हासिल कर लेंगे। उन्हें परमाणु हथियार नहीं मिलने वाला है।
रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन ने तेहरान से लगभग 400 किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम सौंपने और परमाणु संचालन को एक ही सुविधा तक सीमित रखने की मांग की है। ईरान के शीर्ष अधिकारियों को चिंता है कि इस सामग्री को विदेश भेजने से देश भविष्य में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जाने वाले हमलों के प्रति अधिक असुरक्षित हो जाएगा। मोजतबा का निर्देश है कि समृद्ध यूरेनियम का भंडार देश से बाहर नहीं जाना चाहिए।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि वाशिंगटन एक बार फिर से ईरान पर हवाई हमले शुरू कर सकता है। ईरान के शीर्ष शांति वार्ताकार मोहम्मद-बाकर ग़ालिबफ़ ने बुधवार को कहा कि दुश्मन की स्पष्ट और छिपी हुई गतिविधियों से नए हमलों की तैयारी का संकेत मिलता है। ट्रंप ने पहले कहा है कि अगर कोई समझौता नहीं होता तो अमेरिका तेहरान पर हमले को तैयार है, लेकिन कुछ दिन सही जवाब का इंतजार कर सकता है।
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