उतर बस्तर कांकेर 23 मई (आरएनएस) कोयलीबेड़ा बाजार में शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब तेंदूपत्ता से लदा एक ट्रक अचानक आग का गोला बन गया, देखते ही देखते धुएं और लपटों ने पूरे बाजार को अपनी चपेट में लेने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय पुलिस, BSF जवानों और फायर टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने सैकड़ों लोगों की जान-माल को बचा लिया। घटना 22 मई 2026 सुबह करीब 11 बजे थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र की है, जहां ट्रक क्रमांक CG 21 J 7755 पनिडोबीर से कोयलीबेड़ा की ओर आ रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ऊपर से गुजर रहे बिजली तारों के संपर्क में आने से शॉर्ट सर्किट हुआ और तेंदूपत्ता से भरे ट्रक में आग लग गई। ट्रक में करीब 300 बोरी सूखे तेंदूपत्ता लोड थे, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। चालक ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। बाजार क्षेत्र में आग फैलने का खतरा इतना बड़ा था कि आसपास की दुकानों, मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों पर संकट मंडराने लगा। सूचना मिलते ही थाना कोयलीबेड़ा पुलिस और 40वीं वाहिनी BSF हरकत में आई। श्री इंद्रम, DC/Adjt, 40वीं वाहिनी BSF के निर्देशन में सूबेदार मेजर अरविंद कुमार सहित 15 जवानों की टीम फायर एक्सटिंग्विशर, पानी टैंकर और राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। जवानों ने जलते ट्रक को आबादी से दूर खुले मैदान की ओर ले जाकर आग को फैलने से रोका। इसके बाद फायर स्टेशन अंतागढ़ की दमकल टीम को बुलाकर संयुक्त अभियान चलाया गया और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस और BSF की इस तेज, साहसिक और समन्वित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। बहरहाल, कांकेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भारी वाहनों को बिजली तारों के नीचे से निकालते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
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