सिरसा 25 मई (आरएनएस)। सिरसा रेलवे स्टेशन पर एक दो दिनों से एक महिला अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी। महिला की गोद में एक बच्चा था जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलने पर सिरसा पुलिस व भाई कन्हैया आश्रम की टीम ने तत्परता दिखाते हुए महिला स्वाति एवं उसके दोनों बच्चों की सूचना बाल कल्याण समिति को दी उनके आदेशनुसार बच्चों व महिला को भाई कन्हैया आश्रम लाया गया ।
आपको बता दें कि भाई कन्हैया मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित भाई कन्हैया आश्रम में लगभग 400 ऐसे लोग रह रहे हैं जिनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। आश्रम में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पीछे कोई न कोई दर्दनाक कहानी जुड़ी होती है।
जब आश्रम के मुख्य सेवादार सरदार गुरविन्द्र सिंह जी द्वारा महिला से बातचीत की गई तो पता चला कि स्वाती अमरोहा (उत्तर प्रदेश ) की रहने वाली है उसके परिवार वालों ने उसे एक तांत्रिक के पास ले जाया था, जहां उसकी डंडों से पिटाई की जाती थी और शारीरिक रूप से पड़ताडि़त भी किया जाता था । इसके बाद उसे किसी बाबा के पास भी ले जाया गया वह भी उसे शारीरिक रूप से पड़ताडि़त किया जाता था। बताया जा रहा है कि स्वाति की मानसिक स्थिति पिछले लगभग 5 वर्षों से खराब चल रही है । वह बार-बार अपने घर से अपने बच्चों को लेकर चली जाती है
आज महिला के परिजन उसे भाई कन्हैया आश्रम से अपने साथ अमरोहा (उत्तर-प्रदेश) ले गए।
भाई कन्हैया आश्रम के संचालक सरदार गुरविंदर सिंह ने बताया कि जिन भी लोगों की मानसिक स्थिति खराब होती है, उसके पीछे किसी न किसी प्रकार की दुखद घटना, प्रताडऩा या पारिवारिक समस्या का कारण अवश्य होता है। उन्होंने समाज से अपील की कि मानसिक रूप से पीडि़त लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और उन्हें अंधविश्वास या तांत्रिकों के चक्कर में डालने के बजाय उचित चिकित्सा और सहयोग उपलब्ध करवाएं।
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