मेरठ 25 मई (आरएनएस)। कचहरी में वकील के चेंबर में तीन युवको बंधक बनाकर पिटाई करने के मामले में 73 वकीलों पर दर्ज हुए मुकदमे के विरोध में सोमवार को एसएसपी से मिलने पहुंचे वकीलों को पुलिस ने कप्तान ऑफिस के गेट पर रोक लिया। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। बाद में कुछ वकील एसएसपी से मिले भी, मगर वकीलों और कप्तान के बीच की वार्ता विफल हो गई। इसके बाद वकीलों ने कचहरी में हड़ताल घोषित करते हुए आगे की रणनीति बनाने का ऐलान किया है।
सोमवार को मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और महामंत्री परवेज आलम, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह और महामंत्री प्रशांत गुप्ता के साथ दर्जनों वकील एसएसपी ऑफिस पहुंचे। वकीलों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने कप्तान ऑफिस की घेराबंदी की हुई थी।
वकीलों ने एसएसपी से मिलने की बात कही तो सीओ सिविल लाइन सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने वकीलों को कप्तान ऑफिस के गेट पर ही रोक लिया। जिसके चलते जमकर हंगामा हुआ। जिससे गुस्साए सभी वकील वापस लौट गए। इस दौरान कप्तान ऑफिस में खड़े होकर बात कर रहे जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव त्यागी, अनिल तोमर, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अमित राणा और मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री प्रबोद शर्मा को एसएसपी ने अंदर मिलने के लिए बुला लिया।
आरोप है कि कप्तान की बात जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह से कराने के लिए मोबाइल को स्पीकर पर डाला गया तो एसएसपी अविनाश पांडे नाराज हो गए। जिस पर वकील भी एसएसपी से बिना बातचीत किया वापस लौट गए। कचहरी में सभा करते हुए वकीलों ने एक दिन की हड़ताल घोषित कर दी। इसी के साथ अब आगे की रणनीति बनाने की घोषणा की है।
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